स्वास्थ्य

VeganYogurt – स्वास्थ्य से जुड़े तमाम गुण समेटे हुए है बिना दूध के घर पर तैयार किया हुआ ये पौष्टिक दही

VeganYogurt – भारतीय भोजन में दही का स्थान बेहद अहम माना जाता है, लेकिन बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के चलते अब लोग पारंपरिक डेयरी दही के विकल्प तलाश रहे हैं। खासकर लैक्टोज इंटॉलरेंस, वेगन डाइट या हेल्दी फूड की ओर झुकाव रखने वाले लोग नॉन-डेयरी दही को अपनाने लगे हैं। राहत की बात यह है कि बिना दूध के भी घर पर आसानी से दही तैयार किया जा सकता है, जो स्वाद और पोषण दोनों में संतुलित होता है।

vegan yogurt without milk recipe

नॉन-डेयरी दही की बढ़ती लोकप्रियता

हाल के वर्षों में पौधों से बने खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में नॉन-डेयरी दही एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। यह न केवल उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दूध नहीं पचा पाते, बल्कि वे लोग भी इसे पसंद कर रहे हैं जो हल्का और प्राकृतिक आहार चाहते हैं। इस तरह के दही में प्राकृतिक फर्मेंटेशन की प्रक्रिया से अच्छे बैक्टीरिया विकसित होते हैं, जो पाचन के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

आवश्यक सामग्री और तैयारी का आधार

इस खास दही को बनाने के लिए ज्यादा जटिल सामग्री की जरूरत नहीं होती। मुख्य रूप से मूंगफली, पानी और हरी मिर्च के डंठल का उपयोग किया जाता है। मूंगफली प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत होती है, जिससे दही को क्रीमी टेक्सचर मिलता है। वहीं, हरी मिर्च के डंठल फर्मेंटेशन प्रक्रिया को सक्रिय करने में मदद करते हैं, जो दही जमाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

बनाने की प्रक्रिया को समझना जरूरी

दही तैयार करने के लिए सबसे पहले मूंगफली को 5 से 6 घंटे तक पानी में भिगोया जाता है। इसके बाद इसे अच्छी तरह धोकर पुराना पानी निकाल दिया जाता है, ताकि कच्चापन कम हो सके। फिर मूंगफली को पानी के साथ मिक्सर में पीसकर एक स्मूद मिश्रण तैयार किया जाता है। इस मिश्रण को कपड़े से छानकर दूध जैसा तरल निकाला जाता है।

इसके बाद इस तरल को धीमी आंच पर पकाया जाता है और लगातार चलाया जाता है, ताकि यह तले में चिपके नहीं। जब मिश्रण हल्का गाढ़ा होने लगे, तब इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है।

दही जमाने की प्रक्रिया

जब तैयार मिश्रण गुनगुना रह जाए, तब इसमें हरी मिर्च के डंठल डाले जाते हैं। इसके बाद बर्तन को ढककर किसी गर्म स्थान पर रख दिया जाता है। आमतौर पर दही जमने में 10 से 12 घंटे का समय लगता है, हालांकि ठंड के मौसम में इसमें थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

फर्मेंटेशन के दौरान दही का स्वाद धीरे-धीरे विकसित होता है और इसकी बनावट भी गाढ़ी होती जाती है। यही प्रक्रिया इसे पारंपरिक दही जैसा अनुभव देती है।

कैसे पहचानें दही तैयार हो गया है

जब दही पूरी तरह जम जाता है, तो उसकी सतह पर हल्की पानी की परत दिखाई देने लगती है। कई बार ऊपर हल्की दरारें भी नजर आती हैं, जो सामान्य फर्मेंटेशन का संकेत हैं। यह इस बात का संकेत है कि दही अच्छी तरह तैयार हो चुका है और सेवन के लिए उपयुक्त है।

स्वाद और बनावट को बेहतर बनाने के तरीके

दही जमने के बाद सबसे पहले हरी मिर्च के डंठल निकाल देना चाहिए। इसके बाद इसे फ्रिज में रखने से इसकी कंसिस्टेंसी और बेहतर हो जाती है। अगर स्वाद थोड़ा अलग महसूस हो, तो इसमें मसाले मिलाकर रायता या पतला करके छाछ के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह दही न केवल एक हेल्दी विकल्प है, बल्कि इसे अपने स्वाद के अनुसार ढाला भी जा सकता है। घर पर तैयार होने की वजह से इसमें किसी तरह के प्रिजर्वेटिव या केमिकल का उपयोग नहीं होता।

क्यों करें इसे अपने आहार में शामिल

नॉन-डेयरी दही उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो दूध से बनी चीजों से दूरी बनाए रखते हैं। यह हल्का, पौष्टिक और पाचन के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है। साथ ही, इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया आंतों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

आज के समय में जब लोग प्राकृतिक और संतुलित खानपान की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह दही एक सरल और उपयोगी विकल्प बन सकता है।

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