BorderSecurity – कराची हमले के बाद अफगान सीमा पर तेज हुई पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई
BorderSecurity – कराची में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लगी सीमा पर बड़े स्तर पर सैन्य अभियान शुरू किया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उन ठिकानों को निशाना बनाकर की गई, जहां प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े लड़ाकों के छिपे होने की आशंका थी। इस घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को फिर बढ़ा दिया है।

कराची हमले की जिम्मेदारी उग्रवादी संगठन ने ली
कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के परिसर को निशाना बनाकर किए गए हमले की जिम्मेदारी टीटीपी से जुड़े उग्रवादी गुट जमात-उल-अहरार ने ली है। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमले को काफी हद तक विफल कर दिया गया, लेकिन इस दौरान चार सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई। जवाबी कार्रवाई में तीन हमलावर मारे गए, जबकि एक संदिग्ध को जीवित गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार व्यक्ति अफगान नागरिक है।
सीमा पार ठिकानों पर कार्रवाई का दावा
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि बढ़ते आतंकी हमलों के मद्देनजर सुरक्षा अभियान चलाया गया है। उनके अनुसार, पाक्तिया, पाकतिका और कुनार क्षेत्रों में संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इस कार्रवाई में सीमा पार कई लड़ाके मारे गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और अफगानिस्तान की ओर से भी तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अफगान नागरिकों को लेकर सरकार का नया फैसला
पाकिस्तान सरकार ने देश में रह रहे अफगान नागरिकों को निर्धारित समय के भीतर पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि तय अवधि पूरी होने के बाद अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन का तर्क है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इस फैसले को लेकर मानवाधिकार और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा तेज हो गई है।
आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के आरोप
इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में वृद्धि हुई है। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी के लड़ाकों को अफगान क्षेत्र में सुरक्षित ठिकाने मिलते हैं। दूसरी ओर, काबुल लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है और किसी भी आतंकी संगठन को संरक्षण देने से इनकार करता है।
सीमा पर फिर बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के संबंधों में फिर तनाव बढ़ने की संभावना है। पिछले कुछ महीनों में सीमा क्षेत्र में कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं और दोनों पक्षों के सुरक्षा बलों को नुकसान भी उठाना पड़ा है। पहले भी बातचीत और क्षेत्रीय मध्यस्थता के जरिए संघर्ष विराम की कोशिशें की गई थीं, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम से हालात एक बार फिर संवेदनशील होते दिखाई दे रहे हैं।