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Earthquake – पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 5.4 तीव्रता का भूकंप, नुकसान की सूचना नहीं…

Earthquake – शनिवार सुबह पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 5.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिससे कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। भूकंप के बाद एहतियातन बड़ी संख्या में लोग घरों और अन्य इमारतों से बाहर निकल आए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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बलूचिस्तान के बरखान के पास था भूकंप का केंद्र

यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान के बरखान शहर से लगभग 63 किलोमीटर दूर स्थित था। इसकी गहराई को लेकर अलग-अलग एजेंसियों ने अलग अनुमान जारी किए हैं। कुछ रिपोर्टों में यह लगभग 35 किलोमीटर, जबकि अन्य में करीब 10 किलोमीटर गहराई पर बताया गया है। भारतीय समयानुसार यह भूकंप सुबह लगभग 8:36 बजे दर्ज किया गया।

राहत एजेंसियां कर रही हैं स्थिति की समीक्षा

भूकंप के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गए। अधिकारियों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि किसी भी संभावित नुकसान का सही आकलन किया जा सके। फिलहाल किसी बड़े हादसे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी रखी गई है।

भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है पाकिस्तान

विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान दुनिया के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां भूकंप आने की आशंका अपेक्षाकृत अधिक रहती है। इसका प्रमुख कारण यह है कि देश इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट के मिलन क्षेत्र के निकट स्थित है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे इलाके सक्रिय फॉल्ट लाइनों के करीब होने के कारण समय-समय पर भूकंपीय गतिविधियों का सामना करते हैं।

भूकंप आने के पीछे क्या होती है वजह

भूकंप तब आता है जब पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों में अचानक हलचल होती है। ये विशाल प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब इनके बीच दबाव बढ़ जाता है और वह अचानक मुक्त होता है, तब ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है, जिससे धरती कांपने लगती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ज्वालामुखीय गतिविधियां और कुछ मानवजनित कारण, जैसे बड़े पैमाने पर खनन या बांध निर्माण, भी सीमित स्तर पर भूकंपीय गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। भूकंप की तीव्रता का आकलन मानक भूकंपीय माप प्रणालियों के आधार पर किया जाता है और जोखिम कम करने के लिए भूकंप-रोधी निर्माण तथा प्रभावी आपदा तैयारी को महत्वपूर्ण माना जाता है।

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