GlobalTerrorism – दक्षिण एशिया में बदला सुरक्षा परिदृश्य, शीर्ष पर पाकिस्तान
GlobalTerrorism – वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2026 की ताज़ा रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर संकेत दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अब दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बन गया है, जबकि भारत की स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है। इस रिपोर्ट ने क्षेत्र में बदलते सुरक्षा संतुलन को उजागर करते हुए यह भी दिखाया है कि कुछ छोटे पड़ोसी देश बेहतर उदाहरण पेश कर रहे हैं।

पाकिस्तान में बढ़ी हिंसा ने बढ़ाई चिंता
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि बीते वर्ष पाकिस्तान के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। 2025 में वहां 1,000 से अधिक आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। पिछले कुछ वर्षों की तुलना में यह वृद्धि काफी तेज रही है। खासतौर पर 2020 के मुकाबले आतंकी घटनाओं में कई गुना बढ़ोतरी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
तालिबान की वापसी का असर
विश्लेषकों का मानना है कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण बदले हैं। इसका सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा है, जहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे संगठनों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इन समूहों को सीमा पार सुरक्षित ठिकाने मिलने की आशंका जताई गई है, जिससे हमलों की संख्या में इजाफा हुआ है।
टीटीपी और बलूच संगठनों की सक्रियता
पाकिस्तान में हिंसा के बढ़ने के पीछे टीटीपी की भूमिका प्रमुख मानी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संगठन के हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे सैकड़ों लोगों की जान गई। इसके अलावा बलूचिस्तान क्षेत्र में सक्रिय समूहों ने भी सुरक्षा हालात को जटिल बनाया है। कुछ बड़ी घटनाओं ने देश के भीतर अस्थिरता को और गहरा किया है।
भारत में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर
दूसरी ओर, भारत के लिए रिपोर्ट अपेक्षाकृत सकारात्मक संकेत देती है। देश में आतंकी घटनाओं में कमी आई है और वैश्विक रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष के दौरान हमलों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है, जिसे सुरक्षा तंत्र की मजबूती और बेहतर रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।
दक्षिण एशिया अब भी संवेदनशील क्षेत्र
रिपोर्ट में दक्षिण एशिया को अभी भी आतंकवाद से प्रभावित प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है। हालांकि, क्षेत्र के भीतर देशों के प्रदर्शन में काफी अंतर दिखाई देता है। जहां कुछ देशों में हिंसा बढ़ी है, वहीं अन्य देशों ने प्रभावी कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित किया है।
नेपाल और बांग्लादेश की सकारात्मक तस्वीर
इस रिपोर्ट में नेपाल और बांग्लादेश के आंकड़े विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। बांग्लादेश में आतंकी घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जबकि नेपाल ने लगातार तीसरे वर्ष भी ऐसी किसी घटना का सामना नहीं किया। यह दर्शाता है कि मजबूत आंतरिक सुरक्षा और सतर्क नीति से जोखिम को कम किया जा सकता है।
आगे के लिए चेतावनी संकेत
रिपोर्ट में यह भी आगाह किया गया है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। यदि सीमा प्रबंधन कमजोर हुआ, तो इससे आतंकी संगठनों को सक्रिय होने का मौका मिल सकता है। ऐसे में क्षेत्रीय सहयोग और सतर्कता की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।



