IDF Arabic Spokesperson – मेजर एला वावेया बनीं IDF की अगली अरबी प्रवक्ता
IDF Arabic Spokesperson – इज़रायल रक्षा बल (IDF) में संचार के एक अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक पद पर ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। मंगलवार को सेना ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि मेजर एला वावेया अब उसकी नई अरबी भाषा की प्रवक्ता होंगी। यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि दो दशकों से अधिक समय तक इस भूमिका को संभालने वाले कर्नल अविचाई अद्राई के युग के अंत का भी संकेत है। वावेया फिलहाल अद्राई की उप-प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं और अगले सप्ताह औपचारिक पदभार संभालते ही उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। इसके साथ ही वह IDF में किसी मुस्लिम अधिकारी द्वारा प्राप्त की गई अब तक की सर्वोच्च रैंक हासिल करने वाली पहली अधिकारी बन जाएँगी। वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व द्वारा गहन समीक्षा के बाद इस निर्णय को मंजूरी दी गई है, जो क्षेत्रीय संचार नीति में बदलाव की दिशा में एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

क्षेत्रीय संचार में प्रवक्ता की अहम भूमिका
अरबी भाषा के प्रवक्ता का पद IDF के भीतर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, विशेषकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति अक्सर बनी रहती है। यह अधिकारी न केवल अरब मीडिया संस्थानों के साथ संपर्क का मुख्य माध्यम होता है, बल्कि क्षेत्र के करोड़ों अरबी भाषी दर्शकों तक सेना का पक्ष पहुँचाने की जिम्मेदारी भी निभाता है। ऐसे में इस पद पर किसी अनुभवी और प्रभावी संचारक की नियुक्ति सामरिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है।
वावेया की पृष्ठभूमि और सैन्य यात्रा
36 वर्षीय एला वावेया का जन्म मध्य इज़रायल के शहर क़लांस्वा (कलांसुवा) में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सेना में भर्ती होने का निर्णय लिया, जो उस समय उनके समुदाय के भीतर असामान्य माना जाता था। कई लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं दी गई थी। IDF प्रवक्ता इकाई में अधिकारी बनने वाली वह पहली मुस्लिम अरब महिला बनीं, जो एक ऐसे संस्थान में बड़ा बदलाव था जहाँ अरब नागरिकों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य नहीं है और बहुत कम लोग इसमें शामिल होते हैं।
पेशेवर प्रशिक्षण और जिम्मेदारियाँ
अपने करियर की शुरुआत उन्होंने नए मीडिया विभाग में एक गैर-कमीशन अधिकारी के रूप में की। 2015 में उन्होंने IDF के प्रतिष्ठित अधिकारी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भाग लिया, जहाँ उन्हें राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया। इसके बाद वह प्रवक्ता इकाई में लौटीं और धीरे-धीरे अरबी संचार शाखा में अपनी जगह मजबूत करती गईं। वर्तमान में वह उन टीमों की निगरानी करती हैं जो अरबी भाषा में डिजिटल सामग्री तैयार करती हैं और अरब जगत के दर्शकों को लक्षित सोशल मीडिया अभियानों का संचालन करती हैं।
‘कैप्टन एला’ की सार्वजनिक पहचान
सोशल मीडिया पर उन्हें ‘कैप्टन एला’ के नाम से जाना जाता है। वह नियमित रूप से सूचनात्मक वीडियो प्रस्तुत करती हैं और खासकर टिकटॉक पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। पिछले वर्ष एक सुरक्षा सम्मेलन में उन्होंने मीडिया को “एक युद्धक्षेत्र” बताते हुए कहा था कि सूचना के मोर्चे पर लड़ी जाने वाली लड़ाई किसी भी पारंपरिक युद्ध से कम चुनौतीपूर्ण नहीं होती।
अद्राई का दौर और उसकी विरासत
कर्नल अविचाई अद्राई 2005 से IDF के अरबी प्रवक्ता रहे हैं। इस दौरान वह अरब दुनिया में सबसे पहचाने जाने वाले इज़रायली सैन्य चेहरों में से एक बन गए। अल जज़ीरा और अल अरबिया जैसे बड़े नेटवर्कों पर वे सैकड़ों बार दिखाई दिए। उन्होंने फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर IDF की अरबी उपस्थिति को खड़ा करने और विस्तार देने में केंद्रीय भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल ने यह तय किया कि सेना की बात सीधे अरब दर्शकों तक पहुँचे।
वावेया की नियुक्ति को कई विश्लेषक पीढ़ीगत बदलाव के रूप में देख रहे हैं—एक ऐसा बदलाव जो पारंपरिक सैन्य संचार को डिजिटल युग की वास्तविकताओं से जोड़ता है। आने वाले समय में उनकी भूमिका केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्रीय धारणाओं को आकार देने में भी निर्णायक साबित हो सकती है।