अंतर्राष्ट्रीय

IranPresident – खाड़ी देशों पर हमलों के बीच पेजशिकयान ने बयान पर दी सफाई

IranPresident – पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजशिकयान ने अपने हालिया बयान को लेकर सफाई दी है। कुछ दिन पहले खाड़ी देशों पर हमलों के संदर्भ में उन्होंने पड़ोसी देशों से खेद जताया था, लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके शब्दों की गलत व्याख्या की गई है। रविवार को जारी एक वीडियो संदेश में पेजशिकयान ने कहा कि ईरान किसी भी दबाव या धमकी के सामने झुकने वाला देश नहीं है और यदि उसके खिलाफ हमला किया जाता है तो जवाब देना उसकी मजबूरी होगी।

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उनकी यह प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और अमेरिका तथा इजरायल की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।

बयान की व्याख्या पर राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया

रविवार को जारी संदेश में पेजशिकयान ने कहा कि उनके पहले दिए गए वक्तव्य को विरोधी देशों ने गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि ईरान की नीति स्पष्ट है—यदि उस पर हमला होता है तो वह अपनी रक्षा के लिए कदम उठाएगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि बाहरी दबाव या सैन्य कार्रवाई से ईरान की नीति नहीं बदलेगी। उनके मुताबिक, देश की संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि जितना अधिक दबाव डाला जाएगा, प्रतिक्रिया उतनी ही मजबूत हो सकती है।

तेहरान पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव

हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल की ओर से तेहरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक तेल भंडारण केद्रों और अन्य ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों के कारण राजधानी के कुछ हिस्सों में भारी धुआं देखा गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग और धुएं के कारण कई इलाकों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। वहीं दूसरी ओर, ईरान की ओर से भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कुछ ठिकानों पर हमले किए जाने की खबरें आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

खाड़ी देशों में हमलों की घटनाएं

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन हमलों का असर बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात के कुछ हिस्सों में देखा गया। दुबई में हुए एक मिसाइल विस्फोट में दो लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

इसके अलावा कतर सहित अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है तथा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

पहले दिए गए बयान से उठे थे सवाल

शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में पेजशिकयान ने कहा था कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ टकराव नहीं चाहता और यदि किसी हमले से उन्हें नुकसान पहुंचा है तो उसके लिए खेद है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि इन देशों की जमीन से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं होती, तो ईरान भी उन्हें निशाना नहीं बनाएगा।

हालांकि इसके बाद भी क्षेत्र में हमलों की घटनाएं जारी रहीं, जिससे उस बयान की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे। कई विश्लेषकों ने इसे मौजूदा संघर्ष के बीच एक कूटनीतिक संदेश के रूप में भी देखा।

ट्रंप की प्रतिक्रिया और बयानबाजी

ईरानी राष्ट्रपति के माफी वाले बयान के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने दावा किया कि ईरान दबाव में है और उसका यह कदम कमजोरी का संकेत है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि स्थिति नहीं बदली तो ईरान को और कड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग दोहराई थी। पेजशिकयान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी उम्मीदें अवास्तविक हैं और ईरान अपनी नीतियों से पीछे हटने वाला नहीं है।

क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियां

इस बीच अमेरिका और इजरायल की वायुसेनाएं ईरान के विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं। तेहरान के कई हिस्सों में तेल भंडारण केंद्रों में लगी आग के कारण घना धुआं फैलने की खबरें सामने आई हैं।

दूसरी ओर, ईरान भी अपनी ओर से सैन्य प्रतिक्रिया जारी रखे हुए है। इस स्थिति ने पूरे पश्चिम एशिया को एक बड़े भू-राजनीतिक तनाव के केंद्र में ला खड़ा किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और कई देशों ने तनाव कम करने के लिए संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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