IranTalks – अमेरिका-ईरान वार्ता पर अलग-अलग दावे, होर्मुज तनाव के बीच बढ़ी कूटनीतिक हलचल
IranTalks – अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर एक बार फिर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक का अनुरोध किया है और यह वार्ता मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में हो सकती है। हालांकि ईरान ने इस दावे से इनकार करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी आधिकारिक बैठक का कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। दोनों देशों के बयानों के बीच अंतर ने क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

ईरान ने बैठक तय होने की बात से किया इनकार
ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार काजिम गरीबाबादी ने सरकारी समाचार एजेंसी इरना से बातचीत में कहा कि दोहा में किसी तकनीकी वार्ता की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि कतर के साथ सामान्य राजनयिक संपर्क और पहले हुए समझौतों से जुड़े विषयों पर संवाद जारी है, लेकिन अमेरिका के साथ किसी नई बैठक की आधिकारिक रूपरेखा तय नहीं हुई है। उनके अनुसार मीडिया में चल रही कुछ खबरें तथ्यात्मक रूप से पुष्ट नहीं हैं।
मध्यस्थ देशों की भूमिका बनी हुई है अहम
इस बीच पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि बातचीत का प्रयास मंगलवार से आगे बढ़ सकता है। दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और तकनीकी स्तर पर संवाद की संभावनाएं अब भी बनी हुई हैं। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार ऐसे तकनीकी संपर्कों का उद्देश्य भविष्य में उच्चस्तरीय राजनीतिक वार्ता के लिए आधार तैयार करना होता है।
छह अरब डॉलर की संपत्ति पर भी चर्चा तेज
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोमवार को कहा कि कतर में रोकी गई लगभग छह अरब अमेरिकी डॉलर की ईरानी संपत्ति जारी किए जाने की संभावना है। उनके इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दोनों देशों के बीच अंतरिम समझौते को लेकर चर्चा चल रही है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अब तक यह स्पष्ट किया है कि ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों पर किसी प्रकार की रोक हटाने का फैसला नहीं लिया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक चिंता का केंद्र
हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़े तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचता है। क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी घटनाओं के बाद कई मालवाहक जहाजों और तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
क्षेत्रीय हालात पर दुनिया की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद आगे बढ़ता है तो क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। वहीं यदि वार्ता में देरी होती है या सुरक्षा स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका प्रभाव ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से जारी बयानों में स्पष्ट मतभेद दिखाई दे रहे हैं और आगे की स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।