MiddleEastConflict – स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर किए हवाई हमले
MiddleEastConflict – पश्चिम एशिया में हाल में लागू हुआ संघर्षविराम एक बार फिर गंभीर परीक्षा के दौर से गुजरता दिखाई दे रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की है। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं और समुद्री व्यापार पर भी इसका असर पड़ने लगा है।

मालवाहक जहाज पर हमले के बाद बढ़ा विवाद
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 25 जून को ओमान तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर के ध्वज वाले एक कार्गो जहाज को ड्रोन से निशाना बनाया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जहाज पर कुल चार ड्रोन दागे गए, जिनमें से तीन को अमेरिकी सेना ने रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया। चौथा ड्रोन जहाज के ऊपरी हिस्से से टकराया, जिससे उसे नुकसान पहुंचा। ब्रिटेन की ओर से भी पुष्टि की गई कि इस घटना में किसी चालक दल के सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।
अमेरिका ने सैन्य ठिकानों पर की जवाबी कार्रवाई
घटना के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के भीतर मिसाइल और ड्रोन से जुड़े ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार केंद्रों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। CENTCOM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई समुद्री जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना क्षेत्रीय संघर्षविराम की भावना के विपरीत है।
ट्रंप ने समझौते के उल्लंघन का लगाया आरोप
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि ड्रोन हमले के बाद अमेरिका आवश्यक कदम उठाएगा। बाद में उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश में आरोप लगाया कि ईरान ने पहले हुए द्विपक्षीय समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री मार्गों की निगरानी को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
समुद्री यातायात पर पड़ा असर
ताजा तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने खाड़ी क्षेत्र से जहाजों को सुरक्षित निकालने के अपने अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया है। संगठन के महानिदेशक आर्सेनियो डोमिंगुएज के अनुसार, हाल के दिनों में वैकल्पिक मार्गों से 115 जहाजों को सुरक्षित निकाला गया था, लेकिन मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए आगे की कार्रवाई फिलहाल स्थगित कर दी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अभी भी करीब 500 व्यापारिक जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं।
समुद्री मार्गों को लेकर जारी है सतर्कता
दूसरी ओर, ईरान समर्थित पर्शियन गल्फ स्टेट अथॉरिटी (PGSA) ने समुद्री जहाजों के लिए पहले ही सलाह जारी की थी कि केवल स्वीकृत मार्गों का उपयोग किया जाए। एजेंसी ने चेतावनी दी थी कि निर्धारित रूट से हटकर यात्रा करने वाले जहाजों को सुरक्षा या बीमा संबंधी सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। वहीं, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि ड्रोन हमला ईरानी क्षेत्र से संचालित किया गया था, हालांकि ईरान ने इस घटना की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। ताजा घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।