NorthKorea – जानें किम जोंग उन की मां को क्यों नहीं मिला शासक परिवार जैसा सम्मान…
NorthKorea – उत्तर कोरिया के शासक परिवार को देश में विशेष सम्मान और राजनीतिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। किम इल सुंग, उनकी पत्नी किम जोंग सुक और परिवार के अन्य प्रमुख सदस्यों को आधिकारिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। हालांकि, मौजूदा नेता किम जोंग उन की मां को योंग-ही का उल्लेख सार्वजनिक जीवन और सरकारी प्रचार में अपेक्षाकृत बहुत कम दिखाई देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे उनके जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े कई कारण हो सकते हैं।

शासक परिवार की आधिकारिक विरासत
उत्तर कोरिया लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि किम परिवार का संबंध तथाकथित “माउंट पेक्टू ब्लडलाइन” से है। सरकारी प्रचार में इस वंश को देश की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत का प्रतीक बताया जाता है। माउंट पेक्टू को कोरियाई परंपराओं में विशेष महत्व प्राप्त है और शासक परिवार की वैधता को भी इसी प्रतीकात्मक विरासत से जोड़कर प्रस्तुत किया जाता है।
जापान में हुआ था को योंग-ही का जन्म
रिपोर्टों के अनुसार, को योंग-ही का जन्म वर्ष 1952 में जापान के ओसाका शहर में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से कोरियाई थे और बाद में सरकारी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत उत्तर कोरिया आकर बस गए। विश्लेषकों का कहना है कि जापान में जन्म होने के कारण उनकी पृष्ठभूमि आधिकारिक प्रचार में स्थापित उस छवि से पूरी तरह मेल नहीं खाती थी, जिसे उत्तर कोरियाई नेतृत्व अपने शासक परिवार के लिए प्रस्तुत करता है।
कला जगत से जुड़ी थीं किम जोंग उन की मां
बताया जाता है कि को योंग-ही एक सरकारी सांस्कृतिक दल से जुड़ी नृत्य कलाकार थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात तत्कालीन नेता किम जोंग इल से हुई। कई पुस्तकों और शोध रिपोर्टों में उल्लेख मिलता है कि दोनों के बीच संबंध बने, जबकि उस समय किम जोंग इल का एक आधिकारिक पारिवारिक जीवन पहले से मौजूद था। बाद में को योंग-ही से उनके तीन बच्चे हुए, जिनमें किम जोंग उन भी शामिल हैं।
सार्वजनिक पहचान सीमित रही
चूंकि को योंग-ही को आधिकारिक रूप से प्रथम महिला का दर्जा नहीं मिला था, इसलिए उन्हें सरकारी कार्यक्रमों और प्रचार सामग्री में अन्य शासक परिवार के सदस्यों जैसी प्रमुखता नहीं दी गई। वर्ष 2004 में विदेश में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु होने की खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आई थी, लेकिन उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया में इस संबंध में सीमित जानकारी ही सार्वजनिक हुई।
किम जोंग उन कैसे बने उत्तराधिकारी
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किम जोंग इल के कई संभावित उत्तराधिकारियों के नाम समय-समय पर चर्चा में रहे। उनके बड़े बेटे किम जोंग नाम को शुरुआती दौर में प्रमुख दावेदार माना जाता था, लेकिन बाद के वर्षों में उनका प्रभाव कम हो गया। वहीं दूसरे संभावित उत्तराधिकारियों के भी अलग-अलग कारणों से पीछे हटने के बाद किम जोंग उन धीरे-धीरे सत्ता के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे। अंततः किम जोंग इल के निधन के बाद उन्होंने देश की बागडोर संभाली और आज उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता हैं।