RussiaUkraine – पोलैंड में रूसी मिसाइल गिरने से नाटो देशों में बढ़ी सुरक्षा चिंता
RussiaUkraine – रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर अब पड़ोसी देशों की सुरक्षा पर भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार को पोलैंड के हवाई क्षेत्र में एक रूसी मिसाइल के प्रवेश और उसके गिरने की घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। पोलैंड और नाटो ने तत्काल अपनी वायु सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इससे यूरोप में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

पोलैंड के गांव में गिरा मिसाइल का मलबा
रिपोर्टों के अनुसार, मिसाइल पोलैंड के पूर्वी हिस्से में स्थित तरनावा-कोलोनिया गांव के पास गिरी, जिससे जमीन पर बड़ा गड्ढा बन गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या संपत्ति के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि यह मिसाइल उस व्यापक हमले का हिस्सा थी, जिसमें रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में बच्चों सहित कम से कम आठ लोगों की मौत हुई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
नाटो और पोलैंड ने बढ़ाई निगरानी
घटना के तुरंत बाद पोलैंड और अन्य नाटो सदस्य देशों ने अपनी वायु सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय कर दिया। सुरक्षा के मद्देनजर F-16 लड़ाकू विमान, हवाई ईंधन आपूर्ति करने वाले विमान और अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट को तैनात किया गया। नाटो ने कहा कि सदस्य देशों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पोलैंड सरकार और नाटो की प्रतिक्रिया
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि उपलब्ध संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि यह मिसाइल रूस की थी। वहीं नाटो महासचिव मार्क रुट्टे ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि पोलैंड और नाटो की वायु एवं जमीनी रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय कर दी गई है। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यूक्रेन ने Kh-101 मिसाइल होने का किया दावा
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दावा किया कि पोलैंड के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली मिसाइल रूस की Kh-101 क्रूज मिसाइल थी। उन्होंने कहा कि यह घटना इस बात का संकेत है कि यूरो-अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता को और मजबूत किया जाना चाहिए। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित पक्षों की ओर से नहीं की गई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला अवसर नहीं है जब रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव नाटो सदस्य देशों तक पहुंचा हो। हाल के महीनों में रोमानिया ने भी अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन के प्रवेश पर रूस के राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया था। इसी तरह एस्टोनिया और लातविया ने भी सीमा के पास ड्रोन गतिविधियों की जानकारी दी थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद यूरोपीय संघ अपनी पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार कर रहा है, जिनमें ड्रोन रोधी सुरक्षा ढांचे को विस्तार देने की योजना भी शामिल है।