UFOFiles – ट्रंप ने एलियन और यूएफओ दस्तावेज जारी करने के दिए निर्देश
UFOFiles – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलियन और अनजान उड़ने वाली घटनाओं से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि लोगों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि एलियन, अन्य ग्रहों पर जीवन, यूएपी और यूएफओ से जुड़े दस्तावेजों की पहचान कर उन्हें जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर इन विषयों को लेकर बहस तेज कर दी है।

दस्तावेज सार्वजनिक करने की बात
ट्रंप ने कहा कि जिन फाइलों को जारी किया जाएगा, उनमें अधिकतम उपलब्ध जानकारी शामिल करने की कोशिश की जाएगी। उनके अनुसार, यह कदम जनता की जिज्ञासा और पारदर्शिता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन एजेंसियों से कितनी और किस स्तर की जानकारी साझा की जाएगी। अमेरिका में लंबे समय से यूएफओ और यूएपी से जुड़ी रिपोर्टों को लेकर रहस्य बना रहा है, जिस पर समय-समय पर सरकारी जांच भी होती रही है।
ओबामा के बयान के बाद बढ़ी चर्चा
हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक पॉडकास्ट में एलियन से जुड़े सवाल पर हल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि ब्रह्मांड बहुत विशाल है और धरती के बाहर जीवन की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें एलियन के अस्तित्व का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। एरिया 51 को लेकर प्रचलित दावों पर उन्होंने कहा था कि वहां एलियन से जुड़े किसी रहस्य की पुष्टि नहीं हुई है।
गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप
ओबामा की टिप्पणियों के बाद ट्रंप ने उन पर संवेदनशील जानकारी उजागर करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि ऐसी बातों को सार्वजनिक रूप से कहने की आवश्यकता नहीं थी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन सी विशेष जानकारी को वह गोपनीय मानते हैं। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या उन्हें एलियन के अस्तित्व के बारे में कोई जानकारी है, तो उन्होंने कहा कि उनके पास इस विषय में ठोस प्रमाण नहीं हैं।
एरिया 51 को लेकर क्या है स्थिति
नेवादा स्थित एरिया 51 लंबे समय से साजिश सिद्धांतों का केंद्र रहा है। माना जाता रहा है कि वहां गुप्त प्रयोगों के साथ-साथ एलियन से जुड़ी सामग्री रखी गई है। हालांकि 2013 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कुछ दस्तावेज सार्वजनिक कर बताया था कि शीत युद्ध के दौर में इस ठिकाने का इस्तेमाल जासूसी विमानों के परीक्षण के लिए किया जाता था। 2022 में अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने भी कहा था कि धरती पर एलियन के आने का कोई पुष्ट प्रमाण नहीं मिला है। जांच में सामने आई अधिकांश घटनाएं तकनीकी उपकरणों या प्राकृतिक कारणों से जुड़ी पाई गईं।
जनता की जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
यूएफओ और एलियन से जुड़े मुद्दे दशकों से लोगों की रुचि का केंद्र रहे हैं। वैज्ञानिक समुदाय का मानना है कि अनजान हवाई घटनाओं की जांच जरूरी है, लेकिन अब तक उपलब्ध प्रमाण किसी बाहरी जीवन की पुष्टि नहीं करते। ट्रंप का ताजा बयान इस बहस को फिर सुर्खियों में ले आया है। अब यह देखना होगा कि दस्तावेजों के संभावित खुलासे से किस प्रकार की नई जानकारी सामने आती है और क्या इससे लंबे समय से चल रहे रहस्य पर कोई ठोस रोशनी पड़ती है।



