Alex Jeffrey Pretty Minneapolis Shooting: आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेट्टी की मौत और व्यवस्था पर सवाल
Alex Jeffrey Pretty Minneapolis Shooting: अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में शनिवार को हुई एक दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक संघीय अधिकारी की गोली का शिकार हुए व्यक्ति की पहचान अब 33 वर्षीय एलेक्स जेफ्री प्रेट्टी के रूप में हुई है। एलेक्स कोई अपराधी नहीं, बल्कि वेटरन्स अफेयर्स (VA) अस्पताल में एक समर्पित (Alex Jeffrey Pretty Minneapolis Shooting) आईसीयू नर्स थे। उनके सहयोगियों और परिवार का कहना है कि वे एक ऐसे व्यक्ति थे जो दूसरों की जान बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। पेशे से नर्स होने के कारण, मरीजों की सेवा करना उनके लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि जीवन का गौरव था, लेकिन एक संदिग्ध परिस्थितियों वाली गोलीबारी ने उनके जीवन का अंत कर दिया।

ट्रंप की इमिग्रेशन नीतियों का विरोध और सामाजिक सरोकार
एलेक्स प्रेट्टी सामाजिक मुद्दों पर काफी मुखर थे और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू की गई सख्त आव्रजन नीतियों से मानसिक रूप से व्यथित थे। मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की हालिया कार्रवाइयों ने उन्हें विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उनके पिता माइकल प्रेट्टी के अनुसार, एलेक्स (US Immigration Policy Protests) को लेकर बहुत संवेदनशील थे। वे अमेरिका में हो रहे बदलावों और लोगों के साथ हो रहे व्यवहार से दुखी थे। उनके लिए सड़क पर उतरकर विरोध करना अपनी चिंता व्यक्त करने और दबे-कुचले लोगों के प्रति अपना समर्थन दिखाने का एकमात्र जरिया बन गया था।
निष्कलंक रिकॉर्ड और प्रकृति से गहरा लगाव
अदालती दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की जांच करने पर पता चला है कि एलेक्स का व्यक्तित्व बेहद शांत और कानून का पालन करने वाला था। अमेरिकी नागरिक के रूप में उनके खिलाफ कभी कोई (Criminal Record Background Check) दर्ज नहीं पाया गया। एक मामूली ट्रैफिक टिकट के अलावा, पुलिस के साथ उनका कभी कोई विवाद या सामना नहीं हुआ था। परिवार उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद करता है जिसे प्रकृति की गोद में समय बिताना और यात्रा करना बेहद पसंद था। अपने पालतू कुत्ते ‘जूल’ की मौत के बाद वे काफी अकेले हो गए थे, जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से काफी कमजोर कर दिया था।
माता-पिता की चेतावनी और अनहोनी का अंदेशा
एलेक्स के माता-पिता विस्कॉन्सिन में रहते हैं और उन्हें अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। घटना से कुछ ही हफ़्ते पहले, उन्होंने एलेक्स को विशेष रूप से (Public Safety Awareness Advice) देते हुए आगाह किया था। उनके पिता ने उन्हें समझाया था कि वे अपने विरोध के अधिकार का प्रयोग जरूर करें, लेकिन सुरक्षा बलों या किसी भी व्यक्ति के साथ सीधे टकराव से बचें। एलेक्स ने उन्हें आश्वस्त किया था कि वह अपनी सीमाओं को जानता है और पूरी सावधानी बरतेगा। परिवार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनकी यह बातचीत आखिरी हो सकती है।
डीएचएस का दावा और कानूनी हथियार का परमिट
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में दावा किया है कि घटना के वक्त एलेक्स के पास 9 मिमी की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल मौजूद थी। हालांकि, विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या एलेक्स ने अधिकारियों पर (Federal Law Enforcement Shooting) के दौरान हथियार ताना था या नहीं। घटनास्थल के वीडियो फुटेज में भी हथियार की मौजूदगी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। परिवार का तर्क है कि एलेक्स के पास हथियार रखने का वैध परमिट जरूर था, लेकिन उन्होंने कभी उन्हें हिंसक या हथियार के साथ प्रदर्शन करते हुए नहीं देखा था, जिससे पुलिस के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासनिक संवेदनहीनता और परिवार का संघर्ष
एलेक्स के परिवार के लिए सबसे बड़ी त्रासदी यह रही कि उन्हें अपने बेटे की मौत की आधिकारिक सूचना प्रशासन की ओर से नहीं मिली। उन्हें एक रिपोर्टर के फोन कॉल के जरिए इस भयानक (Official Communication Failure Impact) की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार कई घंटों तक पुलिस, बॉर्डर पेट्रोल और अस्पतालों के चक्कर काटता रहा, लेकिन किसी ने उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी। अंततः हेनेपिन काउंटी मेडिकल एग्जामिनर के पास जाकर उन्हें इस कड़वी सच्चाई का सामना करना पड़ा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। प्रशासन के इस ठंडे रवैये ने परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।



