उत्तर प्रदेश

TourismManagement – ताजमहल की बढ़ती भीड़ पर नई रणनीति की तैयारी

TourismManagement – ताजमहल पर लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या अब सिर्फ पर्यटन व्यवस्था का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह संरक्षण, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इस समस्या से निपटने के लिए आगरा और जबलपुर के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए गणितीय मॉडल पर अब गंभीरता से काम शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि इस दिशा में दिल्ली आईआईटी के साथ मिलकर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो ताजमहल परिसर में भीड़ का दबाव स्मारक की संरचना और पर्यटकों दोनों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कई तकनीकी और डिजिटल उपाय सुझाए गए हैं।

शोध में सामने आए अहम आंकड़े

आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के विशेषज्ञों का अध्ययन पिछले वर्ष एक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। अध्ययन के अनुसार, ताजमहल में सामान्य दिनों में औसतन 20 हजार से अधिक पर्यटक पहुंचते हैं, जबकि छुट्टियों और सप्ताहांत में यह संख्या 70 हजार तक पहुंच जाती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यहां आने वाले पर्यटकों में घरेलू यात्रियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रहती है। विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, जबकि छात्र समूह और टूर पैकेज वाले यात्रियों की अलग हिस्सेदारी दर्ज की गई है। आगरा आने वाले कुल पर्यटकों में बड़ी संख्या सिर्फ ताजमहल देखने वालों की होती है।

भीड़ का असर यातायात पर भी

अध्ययन में यह भी बताया गया है कि ताजमहल के आसपास बढ़ती भीड़ का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देता है। खासकर छुट्टियों और विशेष अवसरों पर कई इलाकों में लंबा जाम लग जाता है। पर्यटकों को टिकट, प्रवेश और भ्रमण के दौरान काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भीड़ एक ही समय में सीमित क्षेत्र में जमा हो जाए, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। इसी वजह से वैज्ञानिक तरीके से भीड़ का अनुमान लगाने और उसे नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है।

‘Queuing Theory’ के जरिए तैयार हुआ मॉडल

शोध में भीड़ प्रबंधन के लिए ‘Queuing Theory’ का इस्तेमाल किया गया है। यह एक ऐसा गणितीय तरीका है, जिसके जरिए किसी स्थान पर आने वाले लोगों की संख्या, इंतजार का समय और उपलब्ध व्यवस्था का आकलन किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यटक एक साथ नहीं पहुंचते बल्कि अलग-अलग समय पर कतारों में जुड़ते रहते हैं। यदि किसी समय भीड़ अचानक बढ़ जाए, तो सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है। इस मॉडल की मदद से पहले ही यह अनुमान लगाया जा सकता है कि कब स्थिति गंभीर हो सकती है और कब अतिरिक्त व्यवस्था की जरूरत पड़ेगी।

सुझाए गए छह बड़े उपाय

अध्ययन में ताजमहल के लिए कई आधुनिक उपाय सुझाए गए हैं। इनमें टाइम स्लॉट आधारित टिकटिंग, डिजिटल क्यू सिस्टम, एआई आधारित भीड़ का पूर्वानुमान और जोन के हिसाब से प्रवेश व्यवस्था शामिल है।

इसके अलावा रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए सेंसर और सीसीटीवी तकनीक का इस्तेमाल करने की भी सिफारिश की गई है। ड्रोन निगरानी के जरिए भीड़ वाले हिस्सों की पहचान कर कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना भेजने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों की टीम ने किया अध्ययन

इस अध्ययन में पर्यटन और गणित से जुड़े विशेषज्ञ शामिल रहे। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक मॉडल की मदद से ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारक पर भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। आने वाले समय में इन सुझावों को लागू करने की दिशा में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा सकती है।

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