LandRegistry – बिहार में जमीन खरीद से पहले मिलेगी विवाद की पूरी जानकारी
LandRegistry – बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए सरकार जल्द एक नई सुविधा शुरू करने जा रही है, जिसके जरिए लोग रजिस्ट्री से पहले संबंधित जमीन की पूरी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और खरीद-बिक्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद खरीदार यह जान सकेंगे कि जिस जमीन को खरीदने की तैयारी हो रही है, उस पर किसी तरह का कानूनी विवाद, स्वामित्व विवाद या अन्य समस्या तो नहीं है। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में होने वाले भूमि विवादों में कमी आएगी।
ऑनलाइन आवेदन के जरिए मिलेगी जानकारी
सरकार ने इस प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके तहत जमीन खरीदने से पहले इच्छुक व्यक्ति को पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन में जमीन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भरनी होंगी।
इसके बाद संबंधित अंचल अधिकारी निर्धारित समय के भीतर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच करेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आवेदन मिलने के बाद तय समय सीमा के अंदर जमीन की स्थिति स्पष्ट करें।
13 तरह की जानकारी देनी होगी
नई प्रणाली के तहत आवेदकों को जमीन से जुड़ी कई जानकारियां देनी होंगी। इनमें अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का क्षेत्रफल, चौहद्दी, जमाबंदी और जमीन मालिक का नाम जैसी सूचनाएं शामिल रहेंगी।
इसके अलावा खरीदार और विक्रेता से जुड़ी जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को एसएमएस और ऑनलाइन माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
10 दिनों में पूरी होगी जांच
सरकारी योजना के अनुसार अंचल अधिकारी को आवेदन प्राप्त होने के बाद 10 दिनों के भीतर जमीन की स्थिति की जांच करनी होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि जमीन का रिकॉर्ड सही है या नहीं और स्वामित्व संबंधी दावे में कोई गड़बड़ी तो नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से लोगों को जमीन खरीदने से पहले आधिकारिक पुष्टि मिल सकेगी, जिससे फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
दो विभाग मिलकर कर रहे तैयारी
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। दोनों विभागों ने जिलों में तैनात अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया है।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि जमीन निबंधन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए मोबाइल यूनिट की भी तैयारी की गई है। संभावना है कि इसी महीने से यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दी जाएगी।
भूमि विवाद कम करने पर जोर
सरकार के अनुसार कई बार अधूरी जानकारी या रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होने के कारण जमीन खरीदने के बाद विवाद सामने आते हैं। नई व्यवस्था के जरिए खरीदार पहले ही जमीन की स्थिति समझ सकेंगे।
अधिकारियों का मानना है कि इससे न सिर्फ रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक सुरक्षित बनेगी, बल्कि लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। साथ ही सरकारी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी।