LonelinessCrisis – देहरादून में अकेलेपन के बीच बुजुर्ग की हुई दर्दनाक मौत
LonelinessCrisis – देहरादून के डालनवाला स्थित गुरुद्वारा रोड का एक शांत घर इन दिनों लोगों को रिश्तों की बदलती तस्वीर पर सोचने को मजबूर कर रहा है। यहां रहने वाले 60 वर्षीय धनंजय सिंह राणा की मौत ने अकेलेपन और सामाजिक दूरी की एक ऐसी कहानी सामने रखी है, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। फिलहाल उनका शव कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है और पुलिस परिजनों की तलाश में जुटी है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक धनंजय अपनी मां के साथ रहते थे। दो महीने पहले उनकी मां का निधन हो गया था। पड़ोसियों का कहना है कि मां के जाने के बाद से ही वह पूरी तरह टूट चुके थे। उनका घर अब पहले जैसा नहीं रहा था। वह कम बाहर निकलते थे और अक्सर चुपचाप अपने कमरे में रहते थे।
मां के जाने के बाद पूरी तरह अकेले पड़ गए थे
धनंजय के पिता हरनाथ सिंह राणा भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त थे और उनका निधन कई वर्ष पहले हो चुका था। इसके बाद मां ही धनंजय का सहारा थीं। पड़ोसियों के अनुसार, दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे। मां की देखभाल और उनका साथ ही धनंजय की दिनचर्या का सबसे बड़ा हिस्सा था।
मां के निधन के बाद पड़ोस के लोग ही उन्हें भोजन और जरूरी मदद पहुंचाते थे। सोमवार को जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला और धनंजय बाहर नहीं दिखे, तो पड़ोसियों को चिंता हुई। अंदर जाकर देखा गया तो वह मृत मिले। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
पड़ोसियों ने निभाया अपना फर्ज
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब धनंजय की मां का निधन हुआ था, तब भी अंतिम संस्कार में परिवार का कोई सदस्य सामने नहीं आया था। उस समय भी पड़ोसियों ने ही सारी जिम्मेदारी संभाली थी। अब धनंजय की मौत के बाद भी वही लोग आगे आए हैं।
पुलिस को धनंजय के मोबाइल फोन में कई नंबर मिले, लेकिन ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला जिसे उनका करीबी कहा जा सके। करनपुर चौकी प्रभारी एसआई विक्की टम्टा और उनकी टीम लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि तीन दिन तक परिजनों का इंतजार किया जाएगा। यदि कोई सामने नहीं आता, तो कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
एक पालतू कुत्ता बना उनकी जिंदगी का साथी
धनंजय के जीवन में एक पालतू कुत्ता भी था, जिसे वह बेहद प्यार करते थे। पड़ोसियों के अनुसार, वह अक्सर उसी के साथ समय बिताते थे। अब मालिक की मौत के बाद वह जानवर भी उदास दिखाई दे रहा है। फिलहाल एक पड़ोसी ने उसे अपने पास रख लिया है।
यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक रिश्तों की भी एक झलक है। शहरों में बढ़ते अकेलेपन और टूटते पारिवारिक संबंधों को लेकर लोग इस घटना के बाद चर्चा कर रहे हैं। पड़ोसियों का कहना है कि धनंजय शांत स्वभाव के इंसान थे और कभी किसी से विवाद नहीं करते थे।