ChildCare – जमशेदपुर में दिव्यांग बच्चे को सड़क किनारे छोड़ने से सनसनी
ChildCare – जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र से गुरुवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने लोगों को भावुक कर दिया। फॉर्म एरिया में एक चार वर्षीय दिव्यांग बच्चा सड़क किनारे अकेला मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार बच्चे को वहां छोड़कर एक महिला अचानक चली गई और फिर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक मासूम को अकेले बैठे देखकर आसपास के लोगों को शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना रहा। कई लोग बच्चे की हालत देखकर भावुक हो गए। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है।
लोगों ने महिला को बच्चे के साथ बैठे देखा था
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह एक महिला बच्चे को गोद में लेकर सड़क किनारे बैठी हुई थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि वह किसी का इंतजार कर रही होगी। कुछ समय बाद महिला वहां से उठी और बच्चे को वहीं छोड़कर चली गई। काफी देर तक उसके वापस नहीं आने पर लोगों को स्थिति असामान्य लगी।
मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चे से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन वह स्पष्ट रूप से कुछ बता नहीं पा रहा था। बच्चे की शारीरिक और मानसिक स्थिति सामान्य नहीं बताई जा रही है। वह अपने परिवार, घर या किसी परिचित के बारे में जानकारी देने में भी असमर्थ था।
दिव्यांग बच्चे की हालत देख लोग हुए भावुक
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चा काफी डरा हुआ दिखाई दे रहा था। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि संभवतः महिला बच्चे की दिव्यांगता से परेशान होकर उसे छोड़कर चली गई। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इलाके के लोगों ने तुरंत बच्चे को संभाला और उसे खाना-पानी उपलब्ध कराया। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को अपने साथ थाने ले गई। पुलिसकर्मियों ने भी बच्चे की देखभाल की और उसे शांत कराने की कोशिश की।
पुलिस ने शुरू की महिला की तलाश
कदमा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बच्चे को छोड़कर जाने वाली महिला की पहचान की जा सके। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला स्थानीय थी या बाहर से आई थी।
अधिकारियों के अनुसार बच्चे को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। मामले की जानकारी चाइल्ड लाइन को भी दे दी गई है। आगे की प्रक्रिया बाल संरक्षण नियमों के तहत की जाएगी।
चाइल्ड लाइन की निगरानी में बच्चा
पुलिस की पहल के बाद बच्चे को चाइल्ड लाइन की निगरानी में भेज दिया गया है। वहां उसकी देखभाल की जा रही है और स्वास्थ्य की भी जांच कराई गई है। बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारी बच्चे के परिवार का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बच्चे पर नजर नहीं पड़ती तो उसके साथ कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।