CrimeInvestigation – बोकारो में लापता युवती की हत्या का खुलासा, 28 पुलिसकर्मी निलंबित
CrimeInvestigation – झारखंड के बोकारो जिले में पिछले आठ महीनों से लापता एक 18 वर्षीय युवती के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवती की हत्या कर दी गई थी और अब इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस केस ने न केवल एक जघन्य अपराध को उजागर किया है, बल्कि पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लापता होने के बाद दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार, चास क्षेत्र की रहने वाली 18 वर्षीय पुष्पा महतो पिछले साल जुलाई महीने में अचानक लापता हो गई थी। परिवार की ओर से 24 जुलाई को अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 4 अगस्त को पिंडराजोरा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि, शुरुआती जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती रही।
परिवार ने हाईकोर्ट का लिया सहारा
पुलिस की धीमी कार्रवाई से निराश होकर युवती की मां ने न्याय के लिए झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया। अदालत में सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को फटकार लगाई गई। इसके बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हुई और जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
एसआईटी गठन के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बोकारो पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में बनी इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगालने पर पता चला कि युवती का पिछले तीन वर्षों से खुटाडीह निवासी दिनेश महतो के साथ संपर्क था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में सामने आई हत्या की सच्चाई
शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब उससे लगातार पूछताछ की गई और तकनीकी साक्ष्य सामने रखे गए, तो वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर उसने हत्या की योजना बनाई।
सुनसान इलाके में वारदात को दिया अंजाम
आरोपी के बयान के मुताबिक, 21 जुलाई को जब युवती चास कॉलेज में दाखिले के लिए गई थी, उसी दौरान वह उससे मिला और बहाने से उसे करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक सुनसान स्थान पर ले गया। वहां उसने चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से युवती के अवशेष बरामद किए, जिनमें कंकाल के कई हिस्से, बाल और कपड़े शामिल हैं। हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिसकर्मियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही और कथित मिलीभगत भी सामने आई। आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी आरोपी के संपर्क में थे और उसके साथ सामाजिक रूप से जुड़े हुए थे। यहां तक कि उनके बीच आर्थिक लेन-देन और साथ बैठकर समय बिताने की भी बात सामने आई है।
28 पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने सख्त कदम उठाए हैं। पिंडराजोरा थाना प्रभारी समेत कुल 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन स्तरों पर लापरवाही या मिलीभगत हुई।
यह मामला कानून व्यवस्था के साथ-साथ जवाबदेही की भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। पुलिस प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि भविष्य में इस तरह की चूक न हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।



