झारखण्ड

ElephantAttack – बोकारो में जंगली हाथियों का कहर, एक परिवार के तीन लोगों की हुई मौत

ElephantAttack – झारखंड के बोकारो जिले में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। गोमिया प्रखंड के महुआटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कीपुन्नू गांव के करमाली टोला में बुधवार देर रात हाथियों के एक झुंड ने गांव में घुसकर तांडव मचाया। इस हमले में एक ही परिवार के तीन बुजुर्ग सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।

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देर रात घर में घुसे हाथी, सोते समय हुआ हमला

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, घटना बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब साढ़े तीन बजे की है। जंगली हाथियों का झुंड अचानक गांव में घुस आया और सबसे पहले एक कच्चे मकान को निशाना बनाया। बताया गया कि हाथियों ने अनाज की तलाश में घर की दीवार और शीट से बने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। उसी कमरे में 65 वर्षीय गांगू करमाली और उनकी 62 वर्षीय पत्नी कमली देवी सो रहे थे। अचानक हुए इस हमले में कमली देवी को हाथी ने अपनी सूंड से पकड़ लिया और कुचल दिया। शोर सुनकर गांगू करमाली जान बचाने के लिए बाहर भागे, लेकिन हाथियों ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया।

पड़ोसी घर में भी नहीं बख्शा, तीसरी मौत

पहले घर में हमला करने के बाद हाथियों का झुंड बगल के मकान की ओर बढ़ गया। यह घर गांगू करमाली के बड़े भाई गणेश करमाली का था। उस समय घर में उनकी पत्नी 65 वर्षीय भगिया देवी मौजूद थीं। हाथियों ने मकान को तोड़ते हुए भगिया देवी को कुचल दिया, जिससे उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई। गणेश करमाली किसी तरह अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भागने में सफल रहे और अपनी जान बचा सके।

दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल

हाथियों का कहर यहीं नहीं रुका। उसी टोले में रितु करमाली की पत्नी करमी देवी और पिंटू करमाली की पत्नी अनुजा देवी भी हाथियों के हमले में घायल हो गईं। दोनों को गांव वालों की मदद से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और बाद में इलाज के लिए भेजा गया। घायलों की स्थिति को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

पास के गांवों में भी तोड़फोड़, ग्रामीणों में डर

घटना के बाद हाथियों का झुंड महुआटांड़ थाना क्षेत्र के ही गांगपुर गांव की ओर बढ़ गया। वहां हाथियों ने प्रकाश साव, कृष्णा साव और गणेश साव के घरों को नुकसान पहुंचाया। हालांकि इस गांव में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन मकानों को भारी क्षति पहुंची है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग रात के समय घरों में सोने से भी डरने लगे हैं।

प्रशासन ने दिया तत्काल मुआवजा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से मृतक परिवारों और घायलों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। साथ ही वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और गांवों में गश्त बढ़ाने की बात कही है।

बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष बना चिंता का विषय

इस घटना ने एक बार फिर झारखंड में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है। जंगलों से सटे इलाकों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और भी भयावह रूप ले सकती हैं।

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