ElephantAttack – झारखंड में हाथी के हमले से महिला की मौत, जंगल में मिला एक और शव
ElephantAttack – झारखंड के अलग-अलग जिलों से वन्यजीवों से जुड़ी दो गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। गिरिडीह जिले में जंगली हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि सरायकेला-खरसावां जिले में जंगल के भीतर एक हाथी का शव मिलने से इलाके में चिंता बढ़ गई है। दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

गिरिडीह में महिला पर हाथी का हमला
गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र स्थित बंगराकला गांव के पास शनिवार को एक महिला पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान 50 वर्षीय राजिया देवी के रूप में हुई है, जो स्थानीय निवासी थीं। घटना जंगल से सटे इलाके में हुई, जहां हाथी के अचानक आ जाने से अफरा-तफरी मच गई।
बिरनी थाना प्रभारी आकाश कुमार ने बताया कि हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
परिवार को दी गई तत्काल राहत
वन विभाग के अधिकारियों ने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर तत्काल सहायता के रूप में 50 हजार रुपये का चेक सौंपा। अधिकारियों के अनुसार, बाकी मुआवजा राशि जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी। राज्य सरकार की नीति के तहत हाथी के हमले में मौत होने पर चार लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछले कुछ समय से हाथियों की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
सरायकेला में जंगल में मिला हाथी का शव
इधर सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में तिरुलडीह और सपारूम गांव के जंगल में एक जंगली हाथी मृत अवस्था में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में हलचल बढ़ गई। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और पुलिस को इसकी सूचना दी।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हाथी की मौत हाई वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से हुई है। वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
लटकते बिजली तारों पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र से गुजरने वाले बिजली के कई तार काफी नीचे लटक रहे हैं, जो वन्यजीवों के लिए खतरा बन चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से इलाके में हाथियों का झुंड सक्रिय था और संभावना है कि उसी दौरान एक हाथी बिजली तार की चपेट में आ गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था की नियमित निगरानी और जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो ऐसी घटनाएं आगे भी हो सकती हैं।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
वन विभाग ने हाथी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी। डीएफओ सबा आलम अंसारी ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
इन घटनाओं के बाद वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग वन क्षेत्रों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की मांग कर रहे हैं।