EnforcementAction – धनबाद में अवैध कोयला कारोबार पर ईडी ने की बड़ी कार्रवाई, कई ठिकानों से मिली संपत्तियां और नकदी
EnforcementAction- धनबाद में कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़े मामलों की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार तड़के व्यापक अभियान चलाया। केंद्रीय एजेंसी की कई टीमों ने जिले के अलग-अलग इलाकों में एक साथ 25 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली। जांच उन लोगों और संस्थानों तक पहुंची जिन्हें कोयला कारोबार तथा आउटसोर्सिंग गतिविधियों से जुड़ा माना जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में संपत्तियों और वित्तीय निवेश से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब तक लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की जानकारी मिली है, जिनमें करीब 150 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों को सीज किया गया है। इसके अलावा एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी भी बरामद होने की सूचना है।

वित्तीय दस्तावेजों और निवेश की जांच तेज
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार तलाशी के दौरान बैंक खातों, म्यूचुअल फंड निवेश, आभूषणों की खरीद-बिक्री और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। विभिन्न शहरों में रियल एस्टेट निवेश से संबंधित कई सेल डीड भी एजेंसी के कब्जे में आई हैं, जिनकी सत्यता और मूल्यांकन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बैंकों के सहयोग से बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत आकलन जारी है। जांच के दौरान सामने आए कुछ तथ्यों की जानकारी आयकर विभाग के साथ भी साझा की गई है ताकि आवश्यक समन्वय स्थापित किया जा सके।
पहले भी हो चुकी है इसी तरह की कार्रवाई
केंद्रीय एजेंसियों की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अवैध कोयला कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित “Zero Coal Linkage” अभियान के बाद बीसीसीएल और सीआईएसएफ ने भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई है। इसी क्रम में बीते आठ महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे पहले नवंबर 2025 में झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, जहां कथित कोयला चोरी और उससे जुड़े वित्तीय मामलों की जांच की गई थी।
कई इलाकों में एक साथ पहुंचीं जांच टीमें
अधिकारियों के अनुसार सीआरपीएफ के सुरक्षा घेरे में करीब 50 वाहनों का काफिला धनबाद पहुंचा, जिसके बाद अलग-अलग टीमों ने निर्धारित स्थानों पर तलाशी शुरू की। जांच के दायरे में चर्चित कोयला कारोबारी अनिल गोयल के डुमरियाटांड़ स्थित आवास, कपुरिया क्षेत्र में स्थित कोयला भट्ठा, बैंक मोड़ स्थित कार्यालय तथा उनके सहयोगियों से जुड़े कई परिसरों को शामिल किया गया। इसके अलावा विकास नगर, राज आंगन और सरायढेला क्षेत्र में भी कुछ कारोबारियों एवं फर्मों के परिसरों की जांच की गई। पूरे अभियान के दौरान दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई।
एक पते की तलाश में हुई असमंजस की स्थिति
बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के नालंदा कॉटेज में जांच के दौरान एक दिलचस्प स्थिति भी सामने आई। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम कारोबारी माधव सिंह के आवास तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी। शुरुआती भ्रम के कारण टीम पहले पड़ोस के एक मकान तक पहुंच गई। मुख्य द्वार नहीं खुलने पर अधिकारी सीढ़ी की मदद से भवन के पहले तल तक पहुंचे, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि वह मकान संबंधित व्यक्ति का नहीं है। इसके बाद टीम ने बगल स्थित सही आवास पर पहुंचकर करीब दस घंटे तक दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच की। अधिकारियों ने पूरे अभियान के दौरान किसी भी कार्रवाई को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किए जाने की बात कही।