Jamshedpur Police Encounter: जमशेदपुर में देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, तीन किडनैपर हुए घायल
Jamshedpur Police Encounter: झारखंड के जमशेदपुर में उद्योगपति कैरव गांधी के अपहरण मामले में शामिल अपराधियों और पुलिस के बीच गुरुवार की देर रात जबरदस्त मुठभेड़ हुई। सोनारी थाना क्षेत्र के साईं मंदिर के पास हुई इस गोलाबारी में पुलिस ने तीन कुख्यात अपराधियों को दबोच लिया है, जो जवाबी फायरिंग में घायल हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये तीनों मूल रूप से बिहार के निवासी हैं और इनका एक संगठित गिरोह है जो अपहरण और फिरौती जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देता है। कैरव गांधी दो हफ्तों से लापता थे, जिन्हें हाल ही में पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया था।

हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर हमला
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष (Jamshedpur Police Encounter) ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों से जब गहन पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि कैरव के अपहरण के बाद उन्होंने अपने हथियार सोनारी साईं मंदिर के पास झाड़ियों में छिपा दिए थे। पुलिस की टीम अपराधियों की निशानदेही पर जब गुरुवार देर रात वहां पहुंची, तो गुड्डू सिंह ने अचानक बिष्टूपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे के अंगरक्षक की कारबाइन छीनने की कोशिश की और पुलिस पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस अप्रत्याशित हमले में थाना प्रभारी बाल-बाल बचे। पुलिस ने अपनी आत्मरक्षा में पांच राउंड जवाबी फायरिंग की, जिसमें तीनों अपराधी घायल हो गए।
सुरक्षा के घेरे में अपराधियों का इलाज और छानबीन
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से कारबाइन और चले हुए खोखे बरामद किए हैं। घायल अपराधियों को तत्काल इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) पहुंचाया गया, जहां वे पुलिस की कड़ी निगरानी में उपचाराधीन हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये अपराधी लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे और बिहार व झारखंड के कई थानों में इनके खिलाफ मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शहर में इनके मददगार कौन-कौन हैं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
बिहार स्थित आवास से नकदी बरामद और डीजीपी का खुलासा
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी गुड्डू सिंह के बिहार के टेकारी स्थित लाओ गांव में छापेमारी की। वहां हुई तलाशी में पुलिस को 56 हजार रुपये की नकद राशि मिली है। आशंका जताई जा रही है कि यह पैसा अपराध की कमाई का हिस्सा हो सकता है। झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा इस पूरे मामले की स्वयं समीक्षा कर रही हैं। उम्मीद है कि शुक्रवार को डीजीपी आधिकारिक रूप से इस हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस और मुठभेड़ की पूरी रिपोर्ट जनता के सामने रखेंगी। इस मामले में पुलिस कुछ अन्य फरार संदिग्धों की भी तलाश कर रही है।



