NaxalEncounter – पोड़ाहाट जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
NaxalEncounter – झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। यह कार्रवाई सोनुवा और कराईकेला थाना क्षेत्र के जंगलों में चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में दो नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि देर रात तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि नक्सली संगठन के कुछ बड़े सदस्य पोड़ाहाट इलाके में सक्रिय हैं। इसी इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया था। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल भी मौके पर मौजूद था।
करीब एक घंटे तक चली गोलीबारी
जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों की टीम जैसे ही केड़ाबीर और कुरजुली गांव के पास जंगल क्षेत्र में पहुंची, वहां पहले से मौजूद नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।
पश्चिम सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और बरामद सामानों की जांच की जा रही है। सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त बल भी इलाके में तैनात किए गए हैं।
सर्च अभियान में मिला विस्फोटक सामान
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने जंगल में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई संदिग्ध सामग्री, विस्फोटक और नक्सलियों के उपयोग का सामान बरामद किया गया। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल नक्सलियों के ठिकाने से ज्यादा दूर नहीं था।
सूत्रों के मुताबिक, जिन नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना थी उनमें एरिया कमांडर सालुका कायम और रिसिव उर्फ उषा सोय शामिल थे। दोनों पश्चिम सिंहभूम जिले के स्थानीय इलाकों से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि मुठभेड़ के बाद कुछ घायल नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।
संगठन कमजोर होने की चर्चा तेज
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के महीनों में लगातार अभियानों के कारण नक्सली संगठन कमजोर हुआ है। जनवरी 2026 में एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रतिराम माझी उर्फ अनल दा समेत कई उग्रवादियों के मारे जाने के बाद संगठन पर दबाव बढ़ा है। इसके बाद से सारंडा और पोड़ाहाट इलाके में सक्रिय दस्तों की गतिविधियों में कमी देखी गई है।
सूत्रों का दावा है कि मिसिर बेसरा के दस्ते में अब गिने-चुने सदस्य ही बचे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ नक्सली आत्मसमर्पण की तैयारी में हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सरेंडर की अटकलों के बीच बढ़ी हलचल
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है। चर्चा यह भी है कि संगठन के कुछ बड़े सदस्य पुलिस के संपर्क में हैं। हालांकि प्रशासन ने इन अटकलों पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है।
सुरक्षाबलों का कहना है कि इलाके में अभियान आगे भी जारी रहेगा और जंगल क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।