झारखण्ड

SecurityProbe – रांची हमले की जांच में सामने आए नए दावे

SecurityProbe – रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में ऐसे दावे सामने आए हैं जिनसे यह संकेत मिलता है कि रांची की घटना के बाद अन्य शहरों को भी निशाना बनाने की कथित योजना बनाई जा रही थी। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इन सभी तथ्यों का स्वतंत्र सत्यापन कर रही हैं।

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जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कई राज्यों में सक्रिय संभावित नेटवर्क और उसके संपर्क सूत्रों की पड़ताल की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभिन्न एजेंसियां मिलकर जांच में जुटी हैं।

पूछताछ में लखनऊ का भी आया जिक्र

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अमन अंसारी ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि कुछ विदेशी संपर्कों द्वारा रांची की घटना के बाद लखनऊ जाने के निर्देश दिए गए थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी के बयान की पुष्टि के लिए तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों को खंगाला जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित संपर्कों और निर्देशों का वास्तविक स्वरूप क्या था।

लोकेशन और तस्वीर भेजने का आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले आरोपियों के मोबाइल पर एक विशेष स्थान की तस्वीर और लोकेशन साझा की गई थी। पुलिस का दावा है कि डिजिटल साक्ष्यों से इस पहलू की पुष्टि करने का प्रयास किया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्धों के बीच किस माध्यम से संवाद हुआ और कथित निर्देश किन स्रोतों से प्राप्त हुए। इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच जारी है।

आर्थिक प्रलोभन की भी जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने यह भी दावा किया है कि घटना को अंजाम देने के बदले आर्थिक लाभ का आश्वासन दिया गया था। जांच टीम अब बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल लेनदेन और अन्य वित्तीय पहलुओं की भी समीक्षा कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार के धन हस्तांतरण या आर्थिक सहयोग के प्रमाण मिलते हैं तो उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

कथित ऑनलाइन नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर

जांच के दौरान एक ऐसे व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने और युवाओं के संपर्क में रहने के लिए जाना जाता है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही उसके कथित नेटवर्क और गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन माध्यमों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने, उन्हें प्रभावित करने और विभिन्न गतिविधियों में शामिल करने के तरीकों की भी जांच की जा रही है। इस पहलू को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं मामले

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जांच के दायरे में आए कुछ व्यक्तियों के खिलाफ पहले भी विभिन्न राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। इन मामलों का रिकॉर्ड जुटाकर वर्तमान जांच से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी संगठित नेटवर्क के संकेत मिलते हैं तो उसके सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी। इस दिशा में केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय बनाया गया है।

लोहरदगा में भी हुई जांच

मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए स्थानीय पुलिस और विशेष इकाइयों की टीम लोहरदगा में आरोपियों के घरों तक पहुंची। अधिकारियों ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की और कुछ जानकारियां एकत्र कीं। हालांकि जांच से जुड़े अधिकारी फिलहाल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से बच रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे। एजेंसियों ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देने की अपील की है।

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