झारखण्ड

WaterSupply – बिजली बाधित होने से परेशान रहे राजधानी के लाखों लोग

WaterSupply – राजधानी में शनिवार को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था अचानक प्रभावित हो गई, जिससे लाखों लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण रुक्का जलशोधन केंद्र तक बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसके चलते शहर के बड़े हिस्से में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की सप्लाई नहीं हो सकी और करीब सात लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई।

capital water supply hit by power outage

जलापूर्ति रुकने का असर केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रसोई, सफाई और अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए। कई परिवारों को आवश्यक जरूरतें पूरी करने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ा, जबकि कुछ इलाकों में लोग वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहे।

प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी

शहर के अनेक मोहल्लों में लोगों को पूरे दिन नलों में पानी नहीं मिला। जिन इलाकों की जलापूर्ति रुक्का जलशोधन केंद्र पर निर्भर है, वहां सुबह से ही लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई परिवारों ने बोतलबंद पानी और पानी के जार खरीदकर काम चलाया।

वहीं, घनी आबादी वाले इलाकों और बस्तियों में निगम की ओर से उपलब्ध कराए गए जल टैंकरों और अन्य वैकल्पिक स्रोतों का सहारा लिया गया। सार्वजनिक चापानलों के आसपास भी लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। गर्मी और जल संकट ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया।

दो प्रमुख लाइनों से आपूर्ति रही बंद

बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर रातू रोड और टाउन लाइन से जुड़ी जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा। इन दोनों प्रमुख लाइनों से जुड़े कई मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच सका।

रातू रोड लाइन से जुड़े इलाकों में बरियातू, मोरहाबादी, करमटोली, कचहरी रोड, देवी मंडप रोड के आसपास का क्षेत्र, हरमू रोड, अपर बाजार के कुछ हिस्से और आसपास के मोहल्ले प्रभावित रहे। इसी तरह टाउन लाइन से जुड़े बूटी रोड, कोकर, नामकुम, टाटीसिलवे, लालपुर, कांटाटोली, सिरमटोली, चुटिया, स्टेशन रोड, कडरू और मेन रोड क्षेत्र के लोगों को भी पानी नहीं मिल पाया।

तेज हवा से बिजली व्यवस्था प्रभावित

अधिकारियों के अनुसार, दोपहर के समय आए तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली आपूर्ति तंत्र को नुकसान पहुंचा। कई स्थानों पर पेड़ और बड़ी शाखाएं बिजली लाइनों पर गिर गईं, जिससे तार टूट गए और कुछ खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए।

स्थिति की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू किया गया। गिरे हुए पेड़ों को हटाने, टूटे तारों को बदलने और क्षतिग्रस्त ढांचे को दुरुस्त करने में कई घंटे लग गए। इस दौरान रुक्का जलशोधन केंद्र तक बिजली नहीं पहुंच सकी, जिससे जल उत्पादन और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह ठप रही।

शाम को बहाल हुई व्यवस्था

लगातार मरम्मत कार्य के बाद शाम करीब साढ़े सात बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इसके तुरंत बाद जलशोधन केंद्र से जलागारों तक पानी भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सिस्टम सामान्य होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति बहाल की जाएगी।

विभाग के अनुसार, यदि बिजली व्यवस्था और तकनीकी प्रणाली सुचारु बनी रहती है तो प्रभावित इलाकों में निर्धारित समय के अनुसार जलापूर्ति पुनः शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग और संयम बनाए रखने की अपील भी की है।

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