BRICS Summit – भारत में होने वाली बैठक में पुतिन के आने की संभावना
BRICS Summit – इस साल के अंत में भारत में प्रस्तावित ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस अंतरराष्ट्रीय बैठक में भाग ले सकते हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस संबंध में संकेत दिए हैं, हालांकि सम्मेलन की आधिकारिक तारीखों का अभी औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है।

संभावित तारीखों पर चर्चा जारी
सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सितंबर के मध्य, संभवतः 12 और 13 तारीख को आयोजित किया जा सकता है। हालांकि आयोजकों की ओर से अभी तक कोई अंतिम पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में सभी सदस्य देशों के कार्यक्रम और कूटनीतिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तारीखों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पुतिन की दूसरी भारत यात्रा हो सकती है
यदि व्लादिमीर पुतिन इस सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो यह उनकी साल 2025 के बाद भारत की दूसरी यात्रा होगी। इससे पहले वे दिसंबर 2025 में नई दिल्ली आए थे, जहां उन्होंने भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया था।
भारत-रूस संबंधों की गहराई
दिसंबर में हुई पिछली मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते दबावों के बावजूद भारत और रूस के बीच संबंध स्थिर और मजबूत बने हुए हैं। यह साझेदारी दोनों देशों के रणनीतिक हितों को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ब्रिक्स मंच का बढ़ता महत्व
ब्रिक्स समूह, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मंच पर अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रहा है। इस संगठन की आगामी बैठक 18वीं शिखर वार्ता होगी। हाल के वर्षों में कई नए देशों ने इसमें रुचि दिखाई है, जिससे इस मंच का दायरा और प्रभाव बढ़ा है।
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भारत की भूमिका
भारत इस बार ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जो उसके वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव को दर्शाता है। यह आयोजन न केवल सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करने का भी अवसर प्रदान करेगा। पुतिन की संभावित भागीदारी इस सम्मेलन को और अधिक अहम बना सकती है।



