GlobalConcern – अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच महंगाई पर सरकार से ठोस कदम की मांग
GlobalConcern – वैश्विक हालातों में बढ़ती अस्थिरता के बीच महंगाई और आम लोगों की परेशानियों को लेकर आवाज उठने लगी है। मंगलवार को प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में लोकआंदोलन न्यास की कार्यकारी अध्यक्ष कल्पना इनामदार ने केंद्र सरकार से तुरंत और प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब सीधे देश के आम नागरिकों की जिंदगी पर दिखाई दे रहा है।

शांति प्रक्रिया में भारत की भूमिका पर जोर
प्रेस वार्ता के दौरान इनामदार ने बताया कि उनके संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा है। इसमें भारत से वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया है। उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत की कूटनीतिक स्थिति मजबूत है और वह एक संतुलित मध्यस्थ के रूप में सकारात्मक पहल कर सकता है।
महंगाई ने बढ़ाई आम जनता की मुश्किलें
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच देश में बढ़ती महंगाई ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। खासकर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कीमतों में वृद्धि का असर हर स्तर पर महसूस किया जा रहा है। परिवहन महंगा होने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिससे आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है।
ईंधन कीमतों में राहत की मांग
इनामदार ने कहा कि ईंधन की कीमतों में टैक्स का बड़ा हिस्सा शामिल होता है, जिसे कम करके सरकार लोगों को राहत दे सकती है। उन्होंने एलपीजी गैस पर सब्सिडी दोबारा लागू करने की भी मांग की। उनका कहना था कि इससे सीधे तौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग को फायदा मिलेगा।
वैश्विक तनाव का आर्थिक असर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का भी जिक्र किया गया। इनामदार ने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात और बिगड़े, तो महंगाई और आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है।
पांच प्रमुख मांगें रखीं गईं
संगठन की ओर से सरकार के सामने पांच मुख्य मांगें रखी गईं। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी, कूटनीतिक पहल तेज करना, ईंधन कीमतों में कमी, एलपीजी सब्सिडी बहाल करना और महंगाई पर नियंत्रण के लिए केंद्र व राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाना शामिल है।
सरकार से संवेदनशील निर्णय की अपील
इनामदार ने कहा कि मौजूदा स्थिति केवल आर्थिक चुनौती नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। ऐसे समय में जरूरी है कि सरकार व्यावहारिक और संवेदनशील फैसले ले। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और राहत देने के उपायों को प्राथमिकता देगी।



