लेटेस्ट न्यूज़

MedicinePrices – आज से महंगी हुईं 900 से ज्यादा जरूरी दवाएं

MedicinePrices – देशभर में आज से आम लोगों के लिए दवाइयां खरीदना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण के निर्देशों के तहत 900 से अधिक जरूरी दवाओं की कीमतों में संशोधन लागू कर दिया गया है। इसका असर सीधे तौर पर उन मरीजों पर पड़ेगा जो रोजमर्रा में इन दवाओं पर निर्भर हैं।

india medicine price hike 900 essential drugs

किस तरह बढ़ी दवाओं की कीमतें
बाजार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दवाओं की कीमतों में औसतन 10 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। जिन दवाओं की कीमत पहले 80 रुपये के आसपास थी, अब वे करीब 90 से 95 रुपये में मिल रही हैं। इसी तरह 100 रुपये वाली दवाएं अब 110 से 115 रुपये तक पहुंच गई हैं।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य में बदलाव के कारण हुई है, जो हर साल निर्धारित प्रक्रिया के तहत लागू किया जाता है।

कौन-कौन सी दवाएं हुईं प्रभावित
इस बदलाव का दायरा काफी व्यापक है। इसमें बुखार और दर्द से राहत देने वाली दवाएं, संक्रमण से जुड़ी दवाएं, एनीमिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं और विटामिन सप्लीमेंट शामिल हैं।
इसके अलावा मधुमेह, ब्लड प्रेशर, लिवर और पेट से संबंधित दवाओं के साथ-साथ त्वचा रोगों की दवाएं भी महंगी हो गई हैं। यानी यह असर लगभग हर वर्ग के मरीजों पर देखने को मिलेगा।

बाजार में नया स्टॉक हावी
दवा कारोबारियों के मुताबिक, बाजार में अब करीब 80 प्रतिशत स्टॉक नया आ चुका है, जिस पर संशोधित कीमतें लागू हैं। जनवरी से ही कई फार्मा कंपनियों ने नए बैच के साथ दवाओं की कीमतों में बदलाव शुरू कर दिया था।
थोक और खुदरा विक्रेता अब नई एमआरपी के आधार पर ही दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। हालांकि कुछ पुराने स्टॉक पर अभी भी पुरानी कीमतें लागू हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता तेजी से कम होती जा रही है।

फार्मा कंपनियों की नियमित प्रक्रिया
व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह बढ़ोतरी किसी तात्कालिक अंतरराष्ट्रीय स्थिति का परिणाम नहीं है, बल्कि फार्मा कंपनियों द्वारा हर साल की जाने वाली नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।
हर वर्ष अप्रैल से नई कीमतें लागू की जाती हैं, जिसके तहत कंपनियां उत्पादन लागत और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए दरों में संशोधन करती हैं। इस बार भी वही प्रक्रिया अपनाई गई है।

मरीजों और परिवारों पर असर
दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ता है, खासकर उन लोगों पर जो लंबे समय से किसी बीमारी का इलाज करा रहे हैं।
नियमित दवाओं पर निर्भर लोगों के लिए यह अतिरिक्त खर्च बजट पर दबाव डाल सकता है। ऐसे में कई परिवारों को अपने खर्चों में संतुलन बनाने की जरूरत पड़ सकती है।

आगे भी जारी रह सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे नया स्टॉक पूरी तरह बाजार में आएगा, वैसे-वैसे सभी दवाएं नई कीमतों पर ही उपलब्ध होंगी।
इसलिए आने वाले दिनों में दवाओं की कीमतों में यह बढ़ोतरी स्थायी रूप से लागू होती नजर आ सकती है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे दवाएं खरीदते समय कीमतों और विकल्पों की जानकारी जरूर लें।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.