MiddleEastTalks – पीएम मोदी और बहरीन के शाह के बीच क्षेत्रीय हालात पर हुई चर्चा
MiddleEastTalks – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बहरीन के शासक शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात प्रमुख विषय रहे। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, विशेषकर ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को लेकर चिंता जताई। बातचीत के दौरान समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा पर साझा चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि ऊर्जा और नागरिक ढांचे पर हो रहे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसके असर देखे जा रहे हैं। उन्होंने इस तरह की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि इनसे खाद्य, ईंधन और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा परिस्थितियों में शांति और स्थिरता बनाए रखना अत्यंत जरूरी है।
समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर
बातचीत में समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों को सुरक्षित और खुला रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। मौजूदा हालात में समुद्री मार्गों पर किसी भी प्रकार की बाधा का असर कई देशों की आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है, इसलिए इस दिशा में सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
ईद के अवसर पर शुभकामनाएं और सहयोग का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने बहरीन के शासक और वहां के नागरिकों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने बहरीन में रह रहे भारतीय समुदाय के प्रति वहां की सरकार के सहयोग और देखभाल के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मित्रतापूर्ण संबंधों को भी इस बातचीत में रेखांकित किया गया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। विभिन्न देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और जवाबी कार्रवाइयों ने क्षेत्र को प्रभावित किया है। इन घटनाओं का असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि भारत लगातार इस मुद्दे पर कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय बना हुआ है।
अन्य वैश्विक नेताओं से भी जारी संवाद
इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के नेताओं से इस मुद्दे पर बातचीत कर चुके हैं। इनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान जैसे देश शामिल हैं। इन वार्ताओं का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखने और तनाव को कम करने के प्रयासों को मजबूत करना है।
इस बातचीत को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है।



