RamMandir – दान अनियमितता मामले पर धीरेंद्र शास्त्री ने दी प्रतिक्रिया, जांच तेज…
RamMandir – इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान अनियमितता मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने इस प्रकरण की तुलना त्रेतायुग की घटना से करते हुए कहा कि समय बदल गया है, लेकिन गलत कार्य करने वालों का परिणाम अंततः सामने आता है।

जांच प्रक्रिया पर जताया भरोसा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भी भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान में किसी प्रकार की अनियमितता गंभीर विषय है और दोषियों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
विशेष जांच दल के गठन के बाद बढ़ी कार्रवाई
राम मंदिर से जुड़े कथित दान घोटाले के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। जांच का उद्देश्य दानपात्रों और रसीदों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला का पता लगाना है।
एफआईआर के बाद आठ आरोपी गिरफ्तार
25 जून को राम जन्मभूमि कोतवाली में ट्रस्ट के नवनियुक्त सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की। इसके कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आए अहम संकेत
जांच एजेंसियों के मुताबिक शुरुआती पड़ताल में यह संकेत मिले हैं कि कुछ लोगों ने कथित रूप से फर्जी रसीदों और अनधिकृत तरीकों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं से प्राप्त दान को ट्रस्ट तक पहुंचाने के बजाय अपने पास रखने की कोशिश की। पुलिस ने तलाशी के दौरान कथित रूप से कुछ फर्जी दस्तावेज और रसीद बुक भी बरामद की हैं। हालांकि पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान बड़े स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है और केवल निचले स्तर के लोगों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए। दूसरी ओर, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।