Air India – एयर इंडिया की फ्लाइट में तकनीकी चेतावनी ने बड़ी त्रासदी टाली
Air India – लंदन से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-132 को उड़ान भरते ही ईंधन नियंत्रण स्विच में तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। पायलट की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की वजह से गंभीर हादसा टल गया। एयरलाइन ने तुरंत इस घटना की जानकारी दी और अपने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े में व्यापक जांच शुरू कर दी। यह घटना पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे की याद दिलाती है, जिसमें इंजन में ईंधन आपूर्ति रुक जाने के कारण 241 लोगों की मौत हो गई थी।

ईंधन स्विच में आई गड़बड़ी का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, जब पायलट ने विमान के इंजन को स्टार्ट किया और फ्यूल स्विच को ‘रन’ स्थिति में रखा, तब यह अपने आप ‘कटऑफ’ पोजीशन में चला गया। यह समस्या दो बार दोहराई। पायलट ने तुरंत इस अनियमितता की सूचना एयर इंडिया को दी। इसके बाद एयरलाइन ने अपने सभी बोइंग 787 विमानों को ग्राउंड कर दिया।
787 ड्रीमलाइनर में सुरक्षा जांच तेज
एयर इंडिया के बयान में कहा गया है कि प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद विमान को उड़ान भरने से रोका गया और निर्माता कंपनी के साथ मिलकर तत्काल जांच शुरू की गई। एयरलाइन ने घटना की पूरी जानकारी डीजीसीए को दी और सभी 787 विमानों के ईंधन नियंत्रण स्विच की जांच कराई। जांच में अभी तक किसी प्रकार की गंभीर गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
बोइंग का सहयोग और विशेषज्ञों की समीक्षा
बोइंग ने अपने बयान में कहा कि वह एयर इंडिया के संपर्क में है और मामले की समीक्षा में सहयोग कर रही है। गैर-लाभकारी संगठन ‘सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन’ ने भी बताया कि उड़ान के दौरान चालक दल ने बाएं इंजन के ईंधन स्विच के असामान्य व्यवहार की रिपोर्ट दी।
स्विच की तकनीकी जटिलता और संभावित जोखिम
संगठन के अनुसार, “इंजन चालू करने के प्रयासों के दौरान स्विच बार-बार ‘कटऑफ’ की ओर जा रहा था और ‘रन’ स्थिति में लॉक नहीं हो रहा था। इस प्रकार की खराबी विशेष परिस्थितियों में उड़ान के दौरान इंजन बंद होने का कारण बन सकती है।” यह मामला इसलिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि पिछले साल जून की ड्रीमलाइनर दुर्घटना के बाद से ईंधन नियंत्रण स्विच की विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
एयरलाइन ने उठाए कदम
एयर इंडिया ने पायलट की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित खतरों की जांच सुनिश्चित की है। विमान परिचालन के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता को प्राथमिकता दी जा रही है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा पर किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यक सुधारों को जल्द लागू किया जाएगा।
सुरक्षा मानकों पर नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना एयर इंडिया और वैश्विक विमानन उद्योग दोनों के लिए चेतावनी है। बोइंग 787 जैसी आधुनिक विमानों में तकनीकी सुरक्षा प्रणालियों की नियमित जाँच और निगरानी अत्यंत आवश्यक है। पिछले हादसों को देखते हुए, ऐसी गड़बड़ियों का शीघ्र पता लगाने और उन्हें समय पर सुधारने के उपाय बेहद महत्वपूर्ण हैं।



