HeartHealth – कम समय वाला यह HIIT वर्कआउट दिल की फिटनेस बढ़ाने में हो सकता है मददगार
HeartHealth – बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठे रहना और नियमित शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण हृदय संबंधी समस्याएं कम उम्र में भी देखने को मिल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार इस बात पर जोर देते हैं कि संतुलित आहार के साथ नियमित व्यायाम भी दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। इसी बीच कार्डियोलॉजी से जुड़े डॉक्टर डॉ. ओबैद रहमान ने एक ऐसे इंटरवल वर्कआउट का जिक्र किया है, जिसे सही तरीके से करने पर हृदय की कार्यक्षमता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

क्या है Norwegian 4×4 Workout?
डॉ. ओबैद रहमान के अनुसार, Norwegian 4×4 Workout एक प्रकार की High Intensity Interval Training (HIIT) तकनीक है। इसमें कुछ समय तक तेज गति से कार्डियो एक्सरसाइज की जाती है और फिर शरीर को रिकवरी के लिए हल्की गतिविधि का समय दिया जाता है। डॉक्टर का कहना है कि विभिन्न अध्ययनों में इस तरह के इंटरवल ट्रेनिंग मॉडल को हृदय की क्षमता बढ़ाने और कार्डियो फिटनेस में सुधार से जोड़ा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ शोधों में इसके दीर्घकालिक लाभों का उल्लेख किया गया है, हालांकि इसके परिणाम व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और फिटनेस स्तर के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
इस तरह किया जाता है वर्कआउट
इस एक्सरसाइज की शुरुआत 5 से 10 मिनट के हल्के वार्मअप से की जाती है ताकि शरीर व्यायाम के लिए तैयार हो सके। इसके बाद लगभग 4 मिनट तक तेज दौड़, साइकिलिंग या कोई अन्य हाई इंटेंसिटी कार्डियो गतिविधि की जाती है। इस दौरान लक्ष्य यह रहता है कि हार्ट रेट अधिकतम क्षमता के लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंचे। इसके बाद 4 मिनट तक सामान्य गति से चलकर या हल्की गतिविधि करते हुए शरीर को रिकवरी का समय दिया जाता है। इस क्रम में हार्ट रेट को लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक आने दिया जाता है। पूरे चक्र को चार बार दोहराया जाता है।
शुरुआत धीरे-धीरे करना बेहतर
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जो लोग पहली बार इस तरह का वर्कआउट शुरू कर रहे हैं, वे शुरुआत में इसे सप्ताह में केवल एक बार करें। शरीर के अनुकूल होने पर इसे सप्ताह में दो बार तक किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो ऐसे हाई इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
नियमित कार्डियो क्यों है जरूरी
डॉ. रहमान के अनुसार, दिल भी शरीर की एक मांसपेशी की तरह काम करता है और नियमित व्यायाम उसकी कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद करता है। लगातार निष्क्रिय जीवनशैली, घंटों बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस प्रभावित हो सकती है। इसलिए सप्ताह में नियमित रूप से कार्डियो एक्सरसाइज करना हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। इसके साथ संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
केवल व्यायाम ही नहीं, संतुलित दिनचर्या भी जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक वर्कआउट को चमत्कारी समाधान नहीं माना जाना चाहिए। दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम के साथ पौष्टिक आहार, धूम्रपान से दूरी, वजन नियंत्रित रखना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि व्यायाम के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या असामान्य थकान महसूस हो तो तुरंत गतिविधि रोककर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।