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Sleep – रात में देर तक जागते हैं तो आजमा सकते हैं यह आसान तकनीक

Sleep – रात में बिस्तर पर जाने के बाद भी लंबे समय तक नींद का इंतजार करना आज कई लोगों की आम समस्या बन चुकी है। कई बार इसकी वजह कोई चिकित्सीय परेशानी नहीं होती, बल्कि लगातार चलते विचार और मानसिक व्यस्तता होती है। ऐसे में कुछ लोग जल्दी नींद लाने के लिए सरल और प्राकृतिक तरीकों की तलाश करते हैं। हाल ही में अभिनेत्री अदा शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक ऐसी तकनीक साझा की, जिसे अपनाकर उन्हें आराम महसूस होता है और नींद आने में मदद मिलती है।

easy sleep technique for better rest

अभिनेत्री ने साझा किया अपना अनुभव

अदा शर्मा ने बताया कि जब उन्हें रात में नींद आने में कठिनाई होती है या मन में लगातार विचार चलते रहते हैं, तब वह एक आसान प्रक्रिया का सहारा लेती हैं। उनके अनुसार, यह तकनीक उन्हें मानसिक रूप से शांत करने में मदद करती है और इसके बाद सोना आसान हो जाता है।

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में व्यक्ति को बिस्तर पर आराम से लेटकर आंखें बंद करनी होती हैं। इसके बाद बंद पलकों के साथ आंखों को अलग-अलग दिशाओं में धीरे-धीरे घुमाने का अभ्यास किया जाता है। यह गतिविधि कुछ समय तक दोहराई जा सकती है।

क्या है आई रोलिंग तकनीक

विशेषज्ञों के अनुसार, जिस तरीके का उल्लेख किया गया है उसे आमतौर पर “आई रोलिंग” तकनीक कहा जाता है। यह कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि लंबे समय से विश्राम और ध्यान संबंधी अभ्यासों में इसका उपयोग देखा जाता रहा है।

इस तकनीक में आंखों को बंद रखकर ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं और गोलाकार दिशा में धीरे-धीरे घुमाया जाता है। इसका उद्देश्य शरीर और मस्तिष्क को शांत अवस्था की ओर ले जाना माना जाता है। हालांकि इसके प्रभाव व्यक्ति विशेष पर अलग-अलग हो सकते हैं।

मानसिक एकाग्रता में मिल सकती है मदद

नींद विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार सोने से पहले मन में चल रहे विचार ही नींद में सबसे बड़ी बाधा बन जाते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी सरल शारीरिक गतिविधि पर ध्यान केंद्रित करता है, तो उसका फोकस अनावश्यक चिंताओं और विचारों से हट सकता है।

आई रोलिंग के दौरान भी व्यक्ति का ध्यान आंखों की गतिविधि पर केंद्रित रहता है। इससे मानसिक भटकाव कम हो सकता है और दिमाग को आराम की स्थिति में पहुंचने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि कुछ लोगों को यह तकनीक उपयोगी लग सकती है।

शरीर के प्राकृतिक विश्राम चक्र से जुड़ा संबंध

कुछ शोध और विशेषज्ञ यह मानते हैं कि आंखों की गतिविधियां शरीर की प्राकृतिक विश्राम प्रक्रियाओं से जुड़ी होती हैं। सोने की तैयारी के दौरान शरीर में कई जैविक बदलाव होते हैं, जिनमें हार्मोनल और न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाएं भी शामिल रहती हैं।

आई रोलिंग तकनीक को लेकर यह धारणा भी प्रचलित है कि यह शरीर को आराम की स्थिति का संकेत देने में मदद कर सकती है। हालांकि इसके प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में अलग-अलग मत मौजूद हैं और इसे किसी चिकित्सीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाता।

कब लें विशेषज्ञ की सलाह

यदि किसी व्यक्ति को लगातार कई सप्ताह या महीनों तक नींद से जुड़ी परेशानी बनी रहती है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना उचित नहीं माना जाता। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लगातार अनिद्रा, अत्यधिक थकान या दिनभर उनींदापन महसूस होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

संतुलित दिनचर्या, नियमित सोने का समय, स्क्रीन टाइम कम करना और तनाव प्रबंधन जैसे उपाय भी अच्छी नींद के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आई रोलिंग जैसी तकनीकें कुछ लोगों के लिए सहायक हो सकती हैं, लेकिन इन्हें स्वस्थ जीवनशैली के साथ अपनाना अधिक प्रभावी माना जाता है।

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