राष्ट्रीय

Defamation Case – पवन खेड़ा ने गिरफ्तारी से राहत के लिए खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा

Defamation Case – कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम पुलिस द्वारा दर्ज मामले में संभावित गिरफ्तारी से बचाव के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने अदालत से अग्रिम जमानत की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें गिरफ्तारी का खतरा है। इस याचिका में उन्होंने अपना पता हैदराबाद बताया है। मामले पर सुनवाई नौ अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिससे राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर हलचल तेज हो गई है।

pawan khera defamation case anticipatory bail

मामले में किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस

पवन खेड़ा के खिलाफ गुवाहाटी की अपराध शाखा में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें चुनाव से जुड़े कथित गलत बयानों, धोखाधड़ी और अन्य आरोप शामिल हैं। अपनी याचिका में खेड़ा ने गुवाहाटी अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों और तेलंगाना सरकार को पक्षकार बनाया है। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त आधार के उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, इसलिए उन्हें कानूनी सुरक्षा दी जानी चाहिए।

प्रियंका गांधी ने जताया समर्थन

इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पवन खेड़ा का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि खेड़ा के खिलाफ की जा रही कार्रवाई अनुचित है और यह सत्तारूढ़ दल के रवैये को दर्शाती है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना और सत्ता से जवाब मांगना जरूरी है, और इस कारण किसी को निशाना बनाना सही नहीं है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं, वे इस समय खेड़ा के साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री की ओर से खेड़ा को निशाना बनाया जा रहा है। यह मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन चुका है।

आरोपों की पृष्ठभूमि

दरअसल, पवन खेड़ा ने हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार को लेकर कुछ गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास विदेशी संपत्ति और कई पासपोर्ट हैं, जिनका उल्लेख चुनावी दस्तावेजों में नहीं किया गया। इन आरोपों के बाद असम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।

दिल्ली में हुई तलाशी और जांच

मामले की जांच के तहत असम पुलिस की टीम हाल ही में दिल्ली स्थित खेड़ा के आवास पर पहुंची थी, जहां उनसे पूछताछ की गई और तलाशी ली गई। उनके वकील का कहना है कि यह कार्रवाई गिरफ्तारी की मंशा से की गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले से संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे बचाव पक्ष को पूरी जानकारी नहीं मिल पाई।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस ने बिना तथ्यों की पुष्टि किए आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

अदालत की सुनवाई पर नजर

अब सभी की नजर तेलंगाना हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत मिलती है या नहीं। यह मामला आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक और कानूनी रूप ले सकता है, क्योंकि इसमें कई संवेदनशील मुद्दे जुड़े हुए हैं।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.