Diplomacy – बांग्लादेश में नए भारतीय उच्चायुक्त को मिला विशेष प्रोटोकॉल दर्जा
Diplomacy – भारत सरकार ने बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ढाका में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को औपचारिक प्रोटोकॉल के तहत केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा प्रदान किया गया है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना परिचय पत्र सौंपने के बाद उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए यात्रा वीजा सेवाएं दोबारा शुरू किए जाने की भी घोषणा की। इस फैसले को दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।

औपचारिक प्रोटोकॉल में मिला विशेष स्थान
गृह मंत्रालय द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, दिनेश त्रिवेदी को ‘Table of Precedence’ में व्यक्तिगत आधार पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समान औपचारिक दर्जा दिया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल सरकारी और राजकीय समारोहों में प्रोटोकॉल के उद्देश्य से लागू होगी। इससे उनके संवैधानिक या प्रशासनिक अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा।
क्या है Table of Precedence
‘Table of Precedence’ भारत सरकार द्वारा निर्धारित वह आधिकारिक प्रोटोकॉल सूची है, जिसके आधार पर राष्ट्रीय और राजकीय कार्यक्रमों में विभिन्न संवैधानिक पदाधिकारियों, मंत्रियों, न्यायाधीशों, राजनयिकों और वरिष्ठ अधिकारियों का क्रम तय किया जाता है। यह व्यवस्था केवल औपचारिक अवसरों पर सम्मान और बैठने की प्राथमिकता निर्धारित करने के लिए उपयोग की जाती है।
पहली बार किसी राजनेता की नियुक्ति
दिनेश त्रिवेदी बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त बनने वाले पहले ऐसे राजनेता हैं, जिन्हें इस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है। उन्होंने भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी प्रणय वर्मा का स्थान लिया है। इससे पहले भी कुछ भारतीय राजदूतों को विशेष प्रोटोकॉल दर्जा दिया गया था, लेकिन बांग्लादेश में तैनात किसी भारतीय उच्चायुक्त को पहली बार इस स्तर की औपचारिक मान्यता मिली है।
दोबारा शुरू हुई यात्रा वीजा सुविधा
नई जिम्मेदारी संभालने के तुरंत बाद दिनेश त्रिवेदी ने ढाका, चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना स्थित सभी भारतीय वीजा आवेदन केंद्रों से यात्रा वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने की घोषणा की। वर्ष 2024 में बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी कारणों के चलते इन सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी। अब इनके दोबारा शुरू होने से दोनों देशों के नागरिकों के बीच यात्रा और संपर्क आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
संबंधों में सुधार की दिशा में पहल
बांग्लादेश के राष्ट्रपति के प्रेस सचिव मोहम्मद सरवर आलम ने परिचय पत्र स्वीकार किए जाने के बाद कहा कि राष्ट्रपति को उम्मीद है कि नए उच्चायुक्त के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच सहयोग और आपसी विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और साझा हितों पर आधारित संबंधों को आगे ले जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भारत ने दिए सकारात्मक संकेत
दिनेश त्रिवेदी ने भी अपने संबोधन में कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते लंबे समय से मजबूत रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में जब दोनों देश हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं, यह नियुक्ति और वीजा सेवाओं की बहाली सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।