Earthquake – वेनेजुएला भूकंप के बीच एंड्रॉयड अलर्ट सिस्टम ने खींचा ध्यान
Earthquake – वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार अब तक 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई क्षेत्रों में भारी तबाही के कारण वास्तविक नुकसान का आकलन अभी भी जारी है। विभिन्न रिपोर्टों में आशंका जताई गई है कि प्रभावित लोगों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है। इस आपदा के बीच एक ऐसी तकनीक चर्चा में आई है, जिसने मुख्य झटकों से कुछ सेकंड पहले बड़ी संख्या में एंड्रॉयड स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं तक चेतावनी पहुंचाई।

भूकंप की भविष्यवाणी नहीं, शुरुआती संकेतों की पहचान
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा विज्ञान अभी भी भूकंप आने की तारीख या समय का सटीक अनुमान लगाने में सक्षम नहीं है। ऐसे में गूगल का अलर्ट सिस्टम भविष्यवाणी नहीं करता, बल्कि धरती के भीतर पैदा होने वाली शुरुआती कंपन को पहचानकर तुरंत सक्रिय हो जाता है। यही वजह है कि कई लोगों को मुख्य झटकों से पहले अपने मोबाइल पर आपातकालीन चेतावनी प्राप्त हुई।
स्मार्टफोन कैसे बन जाते हैं सेंसर
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया भर में मौजूद करोड़ों एंड्रॉयड स्मार्टफोन एक बड़े सेंसर नेटवर्क की तरह काम करते हैं। हर फोन में लगा एक्सेलेरोमीटर सेंसर उसके हिलने-डुलने और गति में होने वाले बदलाव को रिकॉर्ड करता है। जब किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में फोन एक जैसी शुरुआती कंपन महसूस करते हैं, तो यह जानकारी गूगल के सर्वर तक पहुंचती है।
कुछ सेकंड में भेजा जाता है चेतावनी संदेश
भूकंप के दौरान सबसे पहले प्राइमरी वेव्स (P-Waves) धरती के भीतर से गुजरती हैं। ये अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचाती हैं, लेकिन इनके बाद आने वाली सेकेंडरी वेव्स (S-Waves) अधिक विनाशकारी होती हैं। यदि सिस्टम शुरुआती तरंगों का संकेत समय रहते पकड़ लेता है, तो एल्गोरिदम प्रभावित क्षेत्र के लोगों के मोबाइल पर तुरंत फुल-स्क्रीन अलर्ट और तेज सायरन भेज देता है, जिससे मुख्य झटकों से पहले कुछ सेकंड का समय मिल सकता है।
कुछ सेकंड भी बन सकते हैं जीवनरक्षक
आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि पांच से दस सेकंड का समय भी कई परिस्थितियों में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस दौरान लोग कमजोर इमारतों से दूर जा सकते हैं, सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकते हैं या “ड्रॉप, कवर और होल्ड” जैसी सुरक्षा प्रक्रिया अपनाने का अवसर पा सकते हैं। औद्योगिक इकाइयों में मशीनें रोकने, गैस आपूर्ति बंद करने या अन्य जरूरी एहतियाती कदम उठाने में भी यह समय उपयोगी हो सकता है।
विशेषज्ञों ने तकनीक को बताया उपयोगी
पर्यावरण और आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती चेतावनी प्रणाली भविष्य में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है। उनका मानना है कि सरकारों और तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाकर ऐसी प्रणालियों का दायरा और प्रभावशीलता बढ़ाई जा सकती है।
एंड्रॉयड फोन में ऐसे चालू करें अलर्ट
यदि आपके पास एंड्रॉयड स्मार्टफोन है, तो इस सुविधा को सक्रिय किया जा सकता है। इसके लिए फोन की Settings में जाकर Safety & Emergency विकल्प चुनें। वहां Earthquake Alerts का विकल्प दिखाई देगा, जिसे चालू करने पर आपके क्षेत्र में उपलब्ध होने की स्थिति में भूकंप संबंधी आपातकालीन चेतावनी प्राप्त हो सकती है। हालांकि यह सुविधा सभी देशों और क्षेत्रों में समान रूप से उपलब्ध नहीं होती और इसका संचालन स्थानीय समर्थन पर निर्भर करता है।