Election Update – असम में आज से मतदान प्रक्रिया शुरू, कई सीटों पर होगा कड़ा मुकाबला
Election Update – असम में नई सरकार के गठन की दिशा में आज से अहम प्रक्रिया शुरू हो रही है। राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा, जबकि नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। इस बार मुकाबला दिलचस्प है, जहां एक ओर कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने के लक्ष्य के साथ मैदान में है।

जोरहट सीट पर प्रतिष्ठा की टक्कर
अपर असम की जोरहट विधानसभा सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में गिनी जा रही है। यहां कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और भाजपा के वरिष्ठ नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी आमने-सामने हैं। यह सीट गोगोई परिवार के राजनीतिक प्रभाव का केंद्र रही है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का लंबे समय तक दबदबा रहा। भाजपा इस सीट को अपने कब्जे में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जोरहट का परिणाम राज्य के व्यापक रुझानों का संकेत दे सकता है।
जलुकबाड़ी में मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर
लोअर असम की जलुकबाड़ी सीट मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। कांग्रेस ने यहां बिदिशा नाग को उम्मीदवार बनाकर मुकाबला रोचक बना दिया है। विपक्ष प्रशासनिक पारदर्शिता और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। सरमा का इस सीट से पुराना संबंध रहा है—उन्होंने पहली बार 1996 में यहां चुनाव लड़ा था और बाद में 2001 में जीत हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत की थी। इस बार भी उनकी साख इस सीट से जुड़ी हुई है।
नाजिरा में कांग्रेस की परंपरा बचाने की चुनौती
नाजिरा सीट कांग्रेस के लिए लंबे समय से मजबूत आधार रही है। यहां पार्टी के वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया लगातार चौथी बार मैदान में हैं और भाजपा के मयूर बोर्गोहैन से उनका मुकाबला है। यह सीट सैकिया परिवार के राजनीतिक इतिहास से जुड़ी रही है, जहां उनके माता-पिता भी विधायक रह चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह चुनाव सिर्फ सीट जीतने का नहीं, बल्कि अपनी परंपरागत पकड़ बनाए रखने का भी सवाल है।
शिवसागर में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति
शिवसागर सीट पर इस बार मुकाबला और भी रोचक हो गया है। रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई यहां भाजपा और असम गण परिषद गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले चुनाव में जेल में रहते हुए भी गोगोई ने जीत दर्ज की थी, जिससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बार उनका सामना अनुभवी नेताओं से है, जिससे मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है।
मतदान व्यवस्था और आंकड़ों पर नजर
राज्यभर में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। 35 जिलों में फैले 31,490 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। कुल लगभग ढाई करोड़ मतदाता इस चुनाव में भाग लेने के पात्र हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला मतदाता भी शामिल हैं। चुनावी मैदान में 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा हो गया है।
दलवार मुकाबले का समीकरण
इस चुनाव में कांग्रेस ने 99 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भाजपा 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अन्य प्रमुख दलों में एआईयूडीएफ, असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय और छोटे दलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जो कई सीटों पर परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।



