Election Voting – आज असम, केरल और पुडुचेरी में शुरू हुए मतदान
Election Voting – देश में चुनावी माहौल एक बार फिर अपने चरम पर है। करीब एक महीने तक चले जोरदार प्रचार अभियान के बाद आज, 9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान हो रहा है। इसी के साथ मतदाता तय करेंगे कि आने वाले पांच वर्षों तक इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी। राजनीतिक दलों के बीच कड़ी टक्कर के बीच अब अंतिम फैसला जनता के हाथ में है, जो अपने मताधिकार का प्रयोग कर इसे तय करेगी।

असम में सीधा मुकाबला, कई मुद्दे हावी
असम की राजनीति इस बार खास चर्चा में रही है। 126 सीटों वाली विधानसभा में मुख्य मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस गठबंधन के बीच है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर सत्ता में वापसी का दावा कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस लगातार सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी है। राज्य में पहचान से जुड़े मुद्दे, एनआरसी और सीएए जैसे विषय मतदाताओं के बीच प्रमुख चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किस पक्ष पर भरोसा जताती है।
केरल में परंपरागत टक्कर कायम
केरल में 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान हो रहा है, जहां मुकाबला मुख्य रूप से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के बीच है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में वाम मोर्चा की स्थिति दांव पर है। भाजपा भी राज्य में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वास्तविक मुकाबला पारंपरिक दो गठबंधनों के बीच ही केंद्रित है।
पुडुचेरी में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति
पुडुचेरी में इस बार चुनावी तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। 30 सीटों वाली विधानसभा में मौजूदा भाजपा-नीत गठबंधन अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनौती पेश कर रहे हैं। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, क्योंकि एक नई राजनीतिक पार्टी भी मैदान में उतरी है। इससे चुनावी समीकरण और रोचक हो गए हैं, और परिणाम को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
उपचुनाव भी दिलचस्प, कई सीटों पर नजर
मुख्य चुनावों के साथ-साथ चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं। इन सीटों में गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा शामिल हैं। उपचुनाव अक्सर सरकार के प्रदर्शन पर जनता की राय को दर्शाते हैं, इसलिए इन्हें राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है। इन नतीजों से यह संकेत भी मिल सकता है कि मौजूदा सरकारों के प्रति जनता का रुझान कैसा है।
मतदान प्रक्रिया और आगे की तारीखें
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी। कुछ अन्य राज्यों और सीटों पर चुनाव 23 अप्रैल को कराए जाएंगे। सभी राज्यों और उपचुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। तब तक सभी की नजरें इस बात पर टिकी रहेंगी कि मतदाता किसे सत्ता की जिम्मेदारी सौंपते हैं।



