ElectionCommission – डिजिटल पहल के जरिए मतदाताओं से जुड़ने पर चुनाव आयोग ने दिया जोर
ElectionCommission- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग अब डिजिटल माध्यम से नागरिकों के साथ संवाद और जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। आयोग ने मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारों, सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। हाल के समय में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर आयोग विपक्ष के निशाने पर रहा है, हालांकि आयोग लगातार इन आरोपों को तथ्यों से परे बताता आया है।

जागरूकता अभियान को डिजिटल माध्यम से मिलेगा विस्तार
चुनाव आयोग अब क्विज, ऑनलाइन गतिविधियों और डिजिटल अभियानों के जरिए नागरिकों को चुनावी व्यवस्था की जानकारी देने की तैयारी कर रहा है। इन कार्यक्रमों में मतदान प्रक्रिया, संवैधानिक अधिकार, मतदाता पंजीकरण और चुनाव से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां सरल तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी। आयोग का मानना है कि डिजिटल माध्यम से अधिक लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा जा सकता है।
ECINET प्लेटफॉर्म पर मिल रही हैं कई सेवाएं
इस पहल में चुनाव आयोग अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET का भी उपयोग कर रहा है। आयोग के अनुसार, यह एकीकृत प्रणाली नागरिकों और चुनावी तंत्र के बीच संपर्क को आसान बनाती है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नए मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा नागरिक बूथ स्तर के अधिकारियों और अन्य चुनाव अधिकारियों से सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
यही नहीं, मतदाता सूची से संबंधित शिकायत दर्ज करने, आवेदन की स्थिति जानने और अन्य चुनावी सेवाओं का लाभ लेने की सुविधा भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
डिजिटल वोटर आईडी सहित कई सुविधाएं उपलब्ध
ECINET पर मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में सत्यापित कर सकते हैं और डिजिटल वोटर पहचान पत्र भी डाउनलोड कर सकते हैं। दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी अलग सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि वे आवश्यक सेवाओं तक आसानी से पहुंच सकें। चुनाव आयोग का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
शुरुआती आंकड़ों में दिखा प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग
चुनाव आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ECINET पर शुरुआती चरण में ही 101 मिलियन से अधिक पंजीकरण फॉर्म संसाधित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रतिदिन लगभग तीन लाख आवेदनों पर कार्रवाई की जा रही है। इस प्लेटफॉर्म से करीब 10 लाख बूथ स्तर के अधिकारी भी जुड़े हुए हैं, जिससे आवेदन और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिली है।
बड़े स्तर पर तैयार किया गया डिजिटल ढांचा
आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान 1.5 बिलियन से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया गया। यह डिजिटल प्रणाली देशभर के 1.1 मिलियन से अधिक मतदान केंद्रों, 543 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों और 4,122 विधानसभा क्षेत्रों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। इसका उद्देश्य एक अरब से अधिक मतदाताओं को एक ही मंच पर चुनाव संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराना और चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है।