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ElectionWatch – बंगाल चुनाव नतीजों से पहले भाजपा ने बढ़ाई सतर्कता

ElectionWatch – पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले भाजपा ने राज्यभर में अपने संगठन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। पार्टी नेतृत्व ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतगणना के बाद कुछ दिनों तक वे अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहें। भाजपा का मानना है कि चुनाव परिणाम के बाद कुछ इलाकों में तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए संगठन पहले से ही एहतियाती कदम उठा रहा है।

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सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने अपने विधायकों को बिना जरूरी सूचना के कोलकाता नहीं आने को कहा है। स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेताओं को भी क्षेत्र छोड़ने से बचने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके। पार्टी का फोकस खास तौर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की सुरक्षा पर रखा गया है।

2021 की घटनाओं से सबक लेकर तैयारी

भाजपा की रणनीति के पीछे वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसक घटनाओं का अनुभव भी माना जा रहा है। उस समय राज्य के कई हिस्सों में राजनीतिक टकराव और हमलों की खबरें सामने आई थीं। भाजपा ने आरोप लगाया था कि उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया था। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए इस बार पार्टी संगठन ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहा है।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में हालात पर नजर रखने के लिए विशेष समन्वय व्यवस्था बनाई गई है। नेताओं को स्थानीय प्रशासन और पार्टी कार्यालय के संपर्क में लगातार रहने को कहा गया है। इसके साथ ही केंद्रीय बलों की तैनाती को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मतगणना के बाद भी सक्रिय रहेगा वार रूम

भाजपा ने चुनाव नतीजों के बाद भी अपना वार रूम सक्रिय रखने का फैसला किया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मतगणना खत्म होने के बाद भी कई इलाकों में राजनीतिक तनाव पैदा हो सकता है। इसी वजह से हर क्षेत्र से लगातार सूचनाएं एकत्र करने और त्वरित प्रतिक्रिया देने की योजना तैयार की गई है।

बताया जा रहा है कि कोलकाता में होने वाली पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में मतगणना की रणनीति के साथ-साथ चुनाव बाद की स्थिति पर भी चर्चा होगी। वरिष्ठ नेता लगातार समीक्षा बैठकों के जरिए संगठनात्मक तैयारियों का आकलन कर रहे हैं। पार्टी का उद्देश्य किसी भी विवाद या टकराव की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना है।

चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को बताया मजबूत

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी केंद्र पर गड़बड़ी की संभावना नहीं है। सभी केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम में चौबीस घंटे निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा बलों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।

निर्वाचन अधिकारी ने ईवीएम में छेड़छाड़ और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े आरोपों को निराधार बताया। उनके अनुसार, चुनाव प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है ताकि मतगणना निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।

मतगणना केंद्रों पर बढ़ी राजनीतिक हलचल

राज्य में मतगणना से पहले राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। कोलकाता के कुछ केंद्रों पर गुरुवार को राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हंगामे की स्थिति देखी गई थी। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कुछ मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी एक मतगणना केंद्र का दौरा करने पहुंची थीं, जिसके बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।

इसी बीच तृणमूल कांग्रेस की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को सुनवाई होनी है। याचिका में मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय कर्मियों की तैनाती से जुड़े कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। इस मामले पर शीर्ष अदालत की सुनवाई को लेकर राजनीतिक दलों की नजरें बनी हुई हैं।

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