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Insurance Fraud Murder: 1 करोड़ के बीमे की आग में ज़िंदा जलता इंसान, उधर गर्लफ्रेंड से चैट…

Insurance Fraud Murder: महाराष्ट्र के लातूर जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि इंसानी सोच की भयावह सीमा को भी दिखाता है। यहां एक व्यक्ति ने कर्ज से छुटकारा पाने के लिए अपनी ही मौत की झूठी कहानी रच डाली और इसे सच साबित करने के लिए एक निर्दोष की जान ले ली। यह पूरी घटना (insurance fraud murder) की एक ऐसी मिसाल बन गई है, जिसने पुलिस से लेकर आम लोगों तक को हिला कर रख दिया है।

Insurance Fraud Murder
Insurance Fraud Murder

जली कार और अधजली लाश से शुरू हुआ रहस्य


रविवार को लातूर के औसा तालुका में पुलिस को एक जली हुई कार में पूरी तरह झुलसा हुआ शव मिलने की सूचना मिली। शुरुआती जांच में यह मामला सड़क हादसे जैसा लगा, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलीं, तस्वीर बदलती चली गई। कार के मालिक की जानकारी जुटाने पर पुलिस को शक हुआ कि मामला (burnt car mystery) से कहीं ज्यादा गंभीर है।

बैंक रिकवरी एजेंट पर गहराया शक


कार मालिक ने पुलिस को बताया कि वाहन उसने अपने रिश्तेदार गणेश चव्हाण को दिया था, जो पेशे से बैंक रिकवरी एजेंट था। जब पुलिस ने चव्हाण से संपर्क करना चाहा, तो उसका फोन बंद मिला और वह घर भी नहीं लौटा था। इस स्थिति में पुलिस को लगा कि मृतक वही हो सकता है, लेकिन जांच आगे बढ़ते ही (bank recovery agent case) ने नया मोड़ ले लिया।

गर्लफ्रेंड कनेक्शन ने बदली दिशा


सोमवार को पुलिस को एहसास हुआ कि कई तथ्य मेल नहीं खा रहे हैं। इसी दौरान जानकारी मिली कि चव्हाण का एक महिला के साथ रिश्ता था। जब उस महिला से पूछताछ हुई, तो सामने आया कि घटना के बाद भी चव्हाण उससे मैसेज पर बात कर रहा था। यही डिजिटल सबूत (girlfriend chat evidence) पूरे मामले का टर्निंग पॉइंट बन गया।

जिंदा निकला ‘मरा हुआ’ आरोपी


पुलिस ने जिस दूसरे नंबर से चैट हो रही थी, उसे ट्रेस किया और जांच कोल्हापुर से विजयदुर्ग तक पहुंच गई। आखिरकार गणेश चव्हाण को हिरासत में ले लिया गया। तब यह साफ हो गया कि जिसे मृत मान लिया गया था, वह तो जिंदा है, और सवाल यह था कि कार में मिला शव (fake death plan) आखिर किसका है।

नशे में धुत व्यक्ति बना शिकार


पूछताछ में सामने आया कि चव्हाण ने तुलजापुर टी जंक्शन से गोविंद यादव नाम के व्यक्ति को लिफ्ट दी थी, जो नशे की हालत में था। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे खाना खिलाया, कार में सुलाया और बाद में ड्राइवर सीट पर बैठाकर आग लगा दी। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने अपना ब्रेसलेट भी वहीं छोड़ दिया, जिससे यह एक (planned murder scheme) लगे।

बीमा रकम के लिए रची गई हत्या


पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चव्हाण ने करीब एक करोड़ रुपये का बीमा कराया था और वह अपने होम लोन से छुटकारा पाना चाहता था। बीमा की रकम हासिल करने के लिए उसने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में वह अकेला था या उसके पीछे कोई और भी शामिल है, क्योंकि यह पूरा मामला (life insurance crime) की गंभीर श्रेणी में आता है।

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