KidnappingCase – विजेंद्र मोर हत्याकांड में दंपति गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
KidnappingCase– उत्तर प्रदेश के उरई में करीब तीन महीने पहले हुए चर्चित विजेंद्र मोर अपहरण और हत्या मामले में पुलिस ने अहम सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में 50-50 हजार रुपये के इनामी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य बताए हैं। हालांकि इस मामले में शामिल बताए जा रहे तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

अपहरण के बाद हत्या का आरोप
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के मुताबिक, 4 मई 2026 की सुबह हरियाणा के जींद निवासी 52 वर्षीय विजेंद्र मोर उरई कोतवाली क्षेत्र के रिनिया गांव स्थित ट्यूबवेल पर मौजूद थे। आरोप है कि वहां पहुंचे कुछ लोगों ने उन्हें जबरन कार में बैठाकर अगवा कर लिया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का कहना है कि अपहरण के कुछ समय बाद ही कार के भीतर उनकी गला दबाकर हत्या कर दी गई।
शव ठिकाने लगाने की बनाई गई योजना
जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी कई घंटों तक शव को कार में लेकर अलग-अलग स्थानों पर घूमते रहे। बाद में देर रात हमीरपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र के जंगल में शव को ले जाकर उस पर डीजल डालकर आग लगा दी गई। पुलिस का कहना है कि ऐसा पहचान छिपाने और साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल से जले हुए मानव अवशेष और अन्य सामग्री बरामद की गई है।
जांच में सामने आए संभावित कारण
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दो प्रमुख वजहें सामने आई हैं। पहली वजह विजेंद्र मोर और आरोपी महिला के बीच बताए जा रहे पुराने व्यक्तिगत संबंध हैं, जबकि दूसरी वजह करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन के लेन-देन से जुड़ा विवाद बताया गया है। पुलिस इन दोनों पहलुओं की गहन जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
तकनीकी साक्ष्यों से मिली जांच को दिशा
अधिकारियों का कहना है कि लगभग 86 दिनों तक चली जांच के दौरान मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ से मिले तथ्यों ने मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन्हीं आधारों पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को कदौरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
डीएनए जांच से होगी अवशेषों की पुष्टि
पुलिस ने बताया कि जंगल से मिले मानव अवशेषों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए विजेंद्र मोर के परिजन, विशेषकर उनके बेटे का नमूना लेकर फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद बरामद अवशेषों की पहचान की औपचारिक पुष्टि हो सकेगी और जांच की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम और कथित साजिश के हर पहलू की विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और मामले की विवेचना अभी भी प्रचलित है।