राष्ट्रीय

LadakhTalks – अमित शाह और सोनम वांगचुक ने लेह में की अहम मुलाकात

LadakhTalks – लद्दाख दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार रात लेह में पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित क्षेत्र के कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब लद्दाख से जुड़े राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर लंबे समय से चर्चा जारी है। अधिकारियों के अनुसार, बातचीत का माहौल शांत और सकारात्मक रहा, जिसमें आध्यात्मिक विषयों के साथ-साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

ladakhtalks amitshah wangchuk meeting

बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी के दौरान हुई मुलाकात

गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर लद्दाख पहुंचे थे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में शामिल होना था। इसी दौरान उन्होंने लेह एपेक्स बॉडी और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बैठक में मौजूद नेताओं के मुताबिक, शाह ने कहा कि उनकी यह यात्रा आध्यात्मिक उद्देश्य से जुड़ी है और वे भगवान बुद्ध के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने आए हैं।

बैठक में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के पूर्व मुख्य कार्यकारी ग्यालसन सहित कई अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। नेताओं ने गृह मंत्री के सामने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न मांगों और चिंताओं को रखा। शाह ने सभी पक्षों को धैर्य बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।

22 मई की बैठक पर टिकी निगाहें

बैठक के दौरान गृह मंत्री ने जानकारी दी कि 22 मई को गृह मंत्रालय की उप-समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में लद्दाख से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। नेताओं को इस वार्ता में खुले विचारों के साथ भाग लेने का सुझाव दिया गया ताकि किसी साझा सहमति तक पहुंचा जा सके।

स्थानीय प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि इस चरण की बातचीत सकारात्मक रहती है, तो आगे उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा सकती है। इससे पहले भी केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी ठोस नतीजे पर सहमति नहीं बन सकी है।

नेताओं ने उठाई उच्चस्तरीय समिति की मांग

बैठक में लेह एपेक्स बॉडी के सह-अध्यक्ष त्सेरिंग दोरजे लकरूक और सांसद मोहम्मद हनीफा ने गृह मंत्री के सामने क्षेत्रीय मांगों को दोहराया। नेताओं ने आग्रह किया कि लद्दाख से संबंधित वार्ता के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाए और उसकी अध्यक्षता स्वयं गृह मंत्री करें। इसके अलावा 22 मई को प्रस्तावित उप-समिति की बैठक को उच्चस्तरीय वार्ता में बदलने का सुझाव भी दिया गया।

हालांकि अमित शाह ने इस पर तत्काल कोई फैसला नहीं दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान आध्यात्मिक यात्रा पर है, लेकिन सरकार बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। नेताओं के अनुसार, गृह मंत्री ने संकेत दिए कि यदि अगली बैठक में सकारात्मक प्रगति होती है तो आगे बड़े स्तर पर चर्चा संभव है।

आंदोलन और विवादों के बीच बढ़ी संवेदनशीलता

लद्दाख में पिछले कुछ महीनों से राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। पिछले साल सितंबर में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया था। उस घटना में कई लोग घायल हुए थे और कुछ प्रदर्शनकारियों की मौत भी हुई थी।

इसी घटनाक्रम के बाद सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था। बाद में इस साल मार्च में उनकी हिरासत समाप्त कर दी गई। रिहाई के बाद से वांगचुक लगातार केंद्र सरकार के साथ संवाद की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। उनका कहना है कि लद्दाख के लोगों को भरोसेमंद और स्थायी समाधान की उम्मीद है।

आगे की बातचीत पर बनी उम्मीद

गृह मंत्रालय और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच इससे पहले भी दो दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, अब तक कोई अंतिम सहमति सामने नहीं आई। ऐसे में 22 मई को होने वाली बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय संगठनों और क्षेत्रीय नेताओं की नजरें अब इसी बैठक पर टिकी हैं, जहां लद्दाख के भविष्य से जुड़े कई मुद्दों पर दिशा तय हो सकती है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.