PensionUpdate – एनपीएस खातों के शुल्क नियमों में पीएफआरडीए ने किया बदलाव
PensionUpdate – नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में निवेश करने वाले खाताधारकों के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने कुछ महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किए हैं। नए निर्देशों में खास तौर पर एनुअल मेंटेनेंस चार्ज, निष्क्रिय खातों की फीस और PRAN से जुड़े शुल्कों को लेकर स्पष्ट नियम बताए गए हैं। नियामक का उद्देश्य अलग-अलग सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों के बीच शुल्क व्यवस्था में एकरूपता लाना है।

नई व्यवस्था के तहत NPS निवेशकों को अब यह समझना आसान होगा कि किस तरह के खाते पर कौन-सा शुल्क लागू होगा और किन परिस्थितियों में अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है।
टियर-II खातों पर नई व्यवस्था लागू
PFRDA के अनुसार अब टियर-II खातों का एनुअल मेंटेनेंस चार्ज उसी सेक्टर के आधार पर तय किया जाएगा, जिस सेक्टर में टियर-I खाता आता है। यानी सरकारी और निजी क्षेत्र के खातों के लिए अलग-अलग शुल्क संरचना लागू रहेगी।
हालांकि छोटे निवेशकों को राहत देते हुए यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन टियर-II खातों में कुल बैलेंस 1000 रुपये तक है, उन पर कोई एनुअल मेंटेनेंस चार्ज नहीं लिया जाएगा। इससे सीमित निवेश करने वाले खाताधारकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
एक PRAN के तहत कई स्कीम पर अलग शुल्क
नए नियमों के तहत यदि किसी निवेशक ने एक ही PRAN के अंतर्गत अलग-अलग पेंशन स्कीम में निवेश किया है, तो प्रत्येक स्कीम को अलग अकाउंट माना जाएगा। इसका मतलब है कि हर स्कीम पर अलग से एनुअल मेंटेनेंस चार्ज लगाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन निवेशकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है जिन्होंने विविध योजनाओं में निवेश कर रखा है। पहले कई निवेशकों को यह उम्मीद थी कि एक PRAN होने पर शुल्क सीमित रहेगा, लेकिन अब हर स्कीम का अलग हिसाब रखा जाएगा।
निष्क्रिय खातों को लेकर भी नया नियम
PFRDA ने डोरमेंट यानी निष्क्रिय खातों के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की है। यदि किसी खाते में लगातार चार तिमाहियों तक कोई योगदान नहीं किया जाता है, तो उसे निष्क्रिय माना जाएगा। ऐसे खातों पर एनुअल मेंटेनेंस चार्ज का 10 प्रतिशत लागू होगा।
नियामक ने यह भी बताया कि खाते को दोबारा सक्रिय करने के लिए निवेशक को पुनः योगदान शुरू करना होगा। इस कदम का उद्देश्य खातों को नियमित रूप से सक्रिय बनाए रखना बताया जा रहा है।
PRAN शुल्क पर भी मिली स्पष्टता
नए निर्देशों में PRAN से जुड़े शुल्कों को लेकर भी भ्रम दूर किया गया है। नियामक के मुताबिक PRAN खोलने का शुल्क केवल एक बार लिया जाएगा और यह शुरुआती खाता खोलते समय ही लागू होगा।
यदि किसी मौजूदा PRAN के तहत बाद में नया Tier-I या Tier-II खाता सक्रिय किया जाता है, तो उस पर अतिरिक्त PRAN शुल्क नहीं लगेगा। इससे कई खाताधारकों को राहत मिलने की संभावना है, जो अलग-अलग खातों के लिए अतिरिक्त शुल्क को लेकर असमंजस में थे।
कम आय वर्ग को राहत देने की कोशिश
PFRDA ने अटल पेंशन योजना और NPS-Lite खातों के लिए भी नई व्यवस्था स्पष्ट की है। जिन खातों में बैलेंस शून्य है, उन पर कोई एनुअल मेंटेनेंस चार्ज नहीं लिया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे कम आय वर्ग के खाताधारकों को मदद मिलेगी।
सभी शुल्क हर तिमाही के अंत में वसूले जाएंगे। यह राशि या तो नियोक्ता के माध्यम से जमा होगी या सीधे निवेशक के खाते से काटी जाएगी।
एनपीएस हेल्थ परियोजना पर भी काम जारी
इसी बीच NPS Health के पायलट प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू हो चुका है। इस पहल में PFRDA नियामक संस्था की भूमिका निभा रहा है। परियोजना के तहत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, केवाईसी सुविधा, पेंशन फंड प्रबंधन और हेल्थ कवर जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग संस्थाओं को जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार और नियामक की कोशिश है कि भविष्य में पेंशन और स्वास्थ्य सुरक्षा को एकीकृत मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जा सके।