TrafficCrisis – शादी के जाम में फंसी जिंदगी, युवक की रास्ते में हुई मौत
TrafficCrisis – उत्तर प्रदेश के मथुरा में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या एक परिवार पर भारी पड़ गई। शहर के मसानी-गोकुल रेस्टोरेंट रोड पर शादी समारोहों के कारण लगे भारी जाम में फंसने से एक युवक समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सका और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी नाराजगी है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

करंट लगने के बाद शुरू हुई भागदौड़
महौली क्षेत्र के पौर चौबिया पाड़ा निवासी विवेक चतुर्वेदी को गुरुवार रात घर में लगे कूलर से करंट लग गया। परिवार और आसपास के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो में लेकर निकले। बताया जा रहा है कि उनकी हालत काफी गंभीर थी और हर मिनट बेहद अहम था।
परिजन सिम्स अस्पताल की ओर जा रहे थे, लेकिन मसानी चौराहे से गोकुल रेस्टोरेंट की तरफ जाने वाले रास्ते पर शादी समारोहों की वजह से लंबा जाम लगा हुआ था। सड़क पर वाहनों की भीड़ और बारातों के चलते रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया।
लोगों की गुहार भी नहीं आई काम
ऑटो में मौजूद लोग लगातार रास्ता देने की अपील करते रहे। उन्होंने राहगीरों और वाहन चालकों से बताया कि मरीज की हालत गंभीर है, लेकिन जाम इतना अधिक था कि वाहन आगे नहीं बढ़ सका।
आखिरकार ऑटो चालक ने दूसरी दिशा से निकलने की कोशिश की, लेकिन वहां भी यातायात अव्यवस्थित मिला। करीब 20 से 25 मिनट तक जाम में फंसे रहने के बाद जब विवेक अस्पताल पहुंचे, तब डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा
घटना के बाद शहर में लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था और मैरिज होम संचालन पर सवाल उठाए। कई लोगों का कहना है कि अगर विवेक को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि जिन मैरिज होम में हजारों मेहमानों की क्षमता होती है, वहां पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था क्यों नहीं होती। सड़क किनारे खड़े वाहन और बारातों की वजह से अक्सर पूरा इलाका जाम की चपेट में आ जाता है।
सड़क पर पार्किंग बनी बड़ी समस्या
मसानी से गोकुल रेस्टोरेंट तक का मार्ग लंबे समय से ट्रैफिक दबाव झेल रहा है। इस इलाके में कई मैरिज होम संचालित हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध नहीं है। नतीजतन शादी समारोहों के दौरान सड़क किनारे गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार केवल तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे से ज्यादा समय लग जाता है। बारात निकलने के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। इससे एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि संबंधित मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने एसपी ट्रैफिक को मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि मैरिज होम की अनुमति देते समय पार्किंग व्यवस्था को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। साथ ही, शादी समारोहों के दौरान सड़क पर बारात निकालने और अवैध पार्किंग पर सख्ती जरूरी है।
पीछे छूट गया परिवार
विवेक चतुर्वेदी अपने परिवार और परिचितों में मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। बेटी की उम्र आठ वर्ष और बेटा छह वर्ष बताया गया है। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार ध्रुवघाट श्मशान घाट पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।