CorruptionCase – रिश्वत आरोप में सीजीएचएस की अतिरिक्त निदेशक गिरफ्तार
CorruptionCase – मेरठ स्थित केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) कार्यालय में रिश्वतखोरी के आरोपों ने विभाग में हलचल बढ़ा दी है। सीबीआई की गाजियाबाद यूनिट ने कार्रवाई करते हुए सीजीएचएस की अतिरिक्त निदेशक डॉ. नताशा वर्मा और उनके चालक सह निजी सहायक सनी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर ट्रांसफर के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। शुक्रवार को दोनों को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

ट्रांसफर के बदले मांगी गई थी रकम
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता तरुण कुमार पहले मेरठ स्थित सीजीएचएस कार्यालय में जूनियर हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट के पद पर तैनात थे। फरवरी 2026 में उनका तबादला मुरादाबाद कर दिया गया था। पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने दोबारा मेरठ में पोस्टिंग की मांग की थी।
आरोप है कि इस ट्रांसफर को मंजूरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत के मुताबिक, यह रकम डॉ. नताशा के निर्देश पर उनके चालक सनी द्वारा मांगी गई थी। तरुण कुमार ने मामले की जानकारी सीबीआई को दी, जिसके बाद एजेंसी ने जांच शुरू की।
सीबीआई ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 30 अप्रैल को केस दर्ज किया और मेरठ में ट्रैप ऑपरेशन चलाया। जांच एजेंसी ने सनी को सूरजकुंड कार्यालय के पास कार में 50 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके तुरंत बाद डॉ. नताशा को भी हिरासत में लिया गया।
कार्रवाई के दौरान सीबीआई टीम ने कई दस्तावेज और विभागीय फाइलें भी अपने कब्जे में लीं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
घर से नकदी और जेवर मिलने का दावा
सीबीआई की एक टीम ने गंगानगर स्थित डॉ. नताशा के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वीडियोग्राफी के दौरान घर से बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण मिलने की बात सामने आई है। हालांकि बरामद रकम का आधिकारिक आंकड़ा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जांच एजेंसी ने गिरफ्तारी की सूचना डॉ. नताशा के परिवार को भी दे दी है। बताया गया कि उनके बेटे करण चौधरी को इसकी जानकारी दी गई।
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से डॉ. नताशा को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह डॉ. मनीषा मित्तल को प्रभारी अतिरिक्त निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने शुक्रवार को कार्यभार संभाल लिया।
सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के बाद डॉ. मनीषा को अस्थायी जिम्मेदारी दी गई थी। अब एक बार फिर उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
पुराने आरोप भी आए चर्चा में
विभागीय सूत्रों का कहना है कि डॉ. नताशा वर्मा के खिलाफ अलीगढ़ में तैनाती के दौरान भी शिकायतें सामने आई थीं। उस समय उच्च स्तर पर जांच कराई गई थी, हालांकि उस जांच का परिणाम सार्वजनिक नहीं हुआ था। मौजूदा कार्रवाई के बाद पुराने मामलों की भी चर्चा तेज हो गई है।
सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े मामलों में कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। एजेंसी आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है।