BollywoodStories – बिना स्क्रिप्ट सुने आमिर खान ने साइन की थीं फिल्में…
BollywoodStories – बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान अपनी फिल्मों के चयन को लेकर हमेशा बेहद सतर्क माने जाते हैं। यही वजह है कि उन्हें लंबे समय से ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है। हालांकि हाल ही में एक बातचीत के दौरान आमिर खान ने अपने करियर से जुड़ा ऐसा किस्सा साझा किया, जिसने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया। अभिनेता ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने कुछ फिल्मों के लिए बिना स्क्रिप्ट सुने ही हामी भर दी थी।

कॉमेडियन जाकिर खान के साथ बातचीत में आमिर खान ने खुलकर बताया कि कई बार वह पूरी तरह तर्क या रणनीति के आधार पर नहीं, बल्कि भावनात्मक परिस्थितियों में फैसले ले लेते थे। इसी दौरान उन्होंने अपने पिता ताहिर हुसैन के साथ जुड़ी कुछ पुरानी यादें भी साझा कीं।
पिता की बात टाल नहीं पाए आमिर
आमिर खान ने बताया कि फिल्म ‘अव्वल नंबर’ उनके करियर की उन फिल्मों में शामिल है, जिसके लिए उन्होंने कहानी सुने बिना ही हामी भर दी थी। अभिनेता के मुताबिक, उनके पिता ताहिर हुसैन ने पहले ही अभिनेता और निर्देशक देव आनंद से उनकी ओर से सहमति दे दी थी।
आमिर ने कहा कि जब उन्हें इस बारे में पता चला तो उन्होंने इच्छा जताई कि पहले स्क्रिप्ट सुनना चाहते हैं। लेकिन उनके पिता ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें कहानी पूछने की जरूरत नहीं है और सिर्फ जाकर फिल्म के लिए हां कहनी है। आमिर ने माना कि उस समय वह अपने पिता का काफी सम्मान करते थे और उनसे डरते भी थे, इसलिए उन्होंने बिना किसी सवाल के फिल्म स्वीकार कर ली।
‘अव्वल नंबर’ को लेकर साझा किया अनुभव
बातचीत में आमिर खान ने बताया कि उन्हें फिल्म की कहानी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि पिता के निर्देश के बाद वह सीधे देव आनंद से मिलने गए और फिल्म के लिए सहमति दे दी। अभिनेता के अनुसार, उस समय वह इतना विरोध नहीं कर पाते थे और परिवार की बात को प्राथमिकता देते थे।
आमिर ने यह भी स्वीकार किया कि करियर की शुरुआत में फिल्में चुनने का उनका तरीका आज से काफी अलग था। अब वह किसी भी प्रोजेक्ट को स्वीकार करने से पहले स्क्रिप्ट, किरदार और पूरी टीम पर गंभीरता से विचार करते हैं।
दूसरी फिल्म में भी दोहराया गया वही अनुभव
आमिर खान ने एक और दिलचस्प घटना का जिक्र करते हुए बताया कि फिल्म ‘तुम मेरे हो’ के साथ भी लगभग ऐसा ही हुआ था। यह फिल्म उनके पिता ताहिर हुसैन के बैनर तले बन रही थी। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने इस बार भी कहानी जानने की कोशिश की, लेकिन उनके पिता ने इसे उचित नहीं माना।
आमिर के अनुसार, पिता ने उनसे कहा था कि वह कई दशकों से फिल्म निर्माण कर रहे हैं और ऐसे में कहानी पर सवाल उठाना सही नहीं है। अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उस बातचीत के बाद उन्हें लंबा भाषण सुनना पड़ा और आखिरकार उन्होंने बिना स्क्रिप्ट जाने ही फिल्म के लिए हामी भर दी।
फिल्मों के चयन पर खुलकर बोले अभिनेता
आमिर खान ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उनके करियर की कई सफल फिल्मों के पीछे गहरी तैयारी और सोच रही है, लेकिन कुछ फैसले ऐसे भी थे जो परिस्थितियों और पारिवारिक दबाव में लिए गए। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि जिन फिल्मों की स्क्रिप्ट उन्होंने खुद पढ़ी, उनके लिए दर्शक उन्हें जिम्मेदार ठहरा सकते हैं।
अभिनेता की यह बातचीत सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है। प्रशंसकों को आमिर खान का यह सहज और व्यक्तिगत अंदाज पसंद आ रहा है, जिसमें उन्होंने अपने करियर के शुरुआती अनुभवों को खुलकर साझा किया।