MangalPandey – तितरा में श्रद्धापूर्वक मनाई गई अमर क्रांतिकारी मंगल पांडेय की जयंती
MangalPandey– प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव तितरा स्थित राष्ट्र सृजन अभियान के क्षेत्रीय कार्यालय में रविवार को अमर क्रांतिकारी मंगल पांडेय की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मंगल पांडेय के योगदान और उनके अदम्य साहस को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर हुई चर्चा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्र सृजन अभियान के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. ललितेश्वर कुमार ने कहा कि मंगल पांडेय ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सबसे पहले खुलकर आवाज उठाई और देशवासियों में स्वतंत्रता की चेतना जगाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन ने उन्हें विद्रोही बताया, लेकिन भारतीय इतिहास में उनका स्थान एक ऐसे क्रांतिकारी के रूप में है, जिन्होंने आजादी के आंदोलन को नई दिशा दी।
युवाओं को दिए गए प्रेरणादायक संदेश
डॉ. ललितेश्वर कुमार ने कहा कि मंगल पांडेय का जीवन केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा और राष्ट्रीय सम्मान को सर्वोपरि मानने की उनकी सोच आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। वक्ताओं ने कहा कि उनके बलिदान ने स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 1984 में मंगल पांडेय के सम्मान में डाक टिकट जारी कर उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है, ताकि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण की भावना मजबूत हो सके।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण ही अमर शहीद मंगल पांडेय को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर राष्ट्र सृजन अभियान के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार राय, जयप्रकाश तिवारी, प्रशांत कुमार, डॉ. प्रेम शर्मा, मनोज कुमार, राजन तिवारी, रेयाजुल हक, नमन कुमार, कैलाश राय, अवध किशोर राय, केशव सिंह, शानू राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।