Murder Case – केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी चेतन के परिवार ने रखा पक्ष
Murder Case – पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के बीच अब मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के परिवार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। चेतन के पिता और चाचा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके बेटे का इस हत्या की साजिश से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि चेतन को गलत तरीके से इस मामले में आरोपी बनाया गया है और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

परिवार ने बेटे को बताया निर्दोष
चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने कहा कि घटना के समय उनका बेटा मृतक केतन अग्रवाल के पास मौजूद नहीं था। उनके अनुसार, चेतन ने परिवार को बताया था कि वह घटनास्थल से कुछ दूरी पर खड़ा था, जबकि केतन के पास सिया गोयल मौजूद थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उस समय वास्तव में क्या हुआ, लेकिन उनका विश्वास है कि चेतन हत्या की किसी योजना का हिस्सा नहीं था। बाबूलाल ने बताया कि घटना वाले दिन चेतन ने केवल इतना कहा था कि वह एक बैठक में जा रहा है और उसने किसी अन्य बात का जिक्र नहीं किया।
सिया गोयल से पहले कोई परिचय नहीं होने का दावा
परिवार का कहना है कि वे सिया गोयल को पहले से नहीं जानते थे। उनके मुताबिक, इस मामले के सामने आने के बाद ही पहली बार उन्होंने उसका नाम सुना। चेतन के परिजनों का कहना है कि जांच एजेंसियों को सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच करनी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
पुलिस जांच में सामने आए अहम पहलू
दूसरी ओर, पुलिस जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिन्हें जांच अधिकारी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। जांच के दौरान प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में 18 जून को लोहगढ़ किले के पास चेतन चौधरी सिर पर हुडी और हेडफोन लगाए दिखाई दिया। पुलिस का मानना है कि गर्म मौसम के बावजूद इस तरह का पहनावा संदेह पैदा करता है और इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कॉल रिकॉर्ड से यह भी पता चला है कि पिछले छह महीनों में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच बड़ी संख्या में फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस का आरोप है कि घटना से पहले दोनों की एक कैफे में मुलाकात हुई थी, जहां कथित रूप से आगे की योजना बनाई गई।
पहले भी प्रयास होने का पुलिस का दावा
पुलिस का कहना है कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि इससे पहले भी कथित तौर पर एक प्रयास किया गया था। जांच अधिकारियों के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले सिया गोयल केतन अग्रवाल को उसी क्षेत्र में लेकर गई थी। पुलिस का दावा है कि उस दौरान भी उसे खाई की ओर धकेलने की कोशिश की गई, हालांकि केतन ने स्वयं को बचा लिया था। इन दावों की जांच अभी जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।
पासपोर्ट से जुड़ा संदेह भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि केतन और सिया का प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने का कार्यक्रम था। हालांकि यात्रा से पहले मुंबई एयरपोर्ट पर केतन का पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण यह योजना रद्द हो गई। केतन के परिजनों ने इस घटना पर भी संदेह जताया है और इसे जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मीडिया कवरेज पर परिवार की आपत्ति
चेतन के चाचा उदयराम चौधरी ने मीडिया कवरेज पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मामले का केवल एक पक्ष सामने रखा जा रहा है, जबकि आरोपी परिवार की बात को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि चेतन एक खिलाड़ी है और उसके खिलाफ पहले कभी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। परिवार का कहना है कि मुलाकात के दौरान चेतन लगातार खुद को निर्दोष बताता रहा।
फिलहाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 61(2) के तहत सिया गोयल और चेतन चौधरी के खिलाफ हत्या तथा आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होगा।