MurderCase – केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने साजिश को लेकर किए नए खुलासे
MurderCase– पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने कई नए तथ्य सामने आने का दावा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी ने शुरुआत में हत्या नहीं बल्कि शादी टालने के उद्देश्य से केतन को घायल करने की योजना बनाई थी। हालांकि, बाद में दोनों ने कथित तौर पर इस योजना को अधिक जोखिम भरा मानते हुए हत्या की साजिश रचने का फैसला किया। पुलिस का कहना है कि प्रस्तावित बाली यात्रा नजदीक आने के कारण दोनों ने अपनी योजना को जल्द अमल में लाने की कोशिश की।

हत्या की योजना पहले से तैयार होने का दावा
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को हुई घटना किसी अचानक हुए विवाद का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसकी तैयारी कई सप्ताह पहले से चल रही थी। जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पहले से योजना बनाकर केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टान से धक्का देने का फैसला किया। इसी मामले में दोनों को गिरफ्तार किया गया है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इंटरनेट और फिल्मों से जुटाई जानकारी
जांच अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों ने घटना को दुर्घटना का रूप देने के अलग-अलग तरीकों पर विचार किया था। इसके लिए उन्होंने कथित तौर पर इंटरनेट पर जानकारी खोजी और सस्पेंस आधारित फिल्मों का भी सहारा लिया। पुलिस का कहना है कि कई विकल्पों पर चर्चा के बाद दोनों इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि ऊंचाई से गिरने की घटना को हादसे के रूप में पेश करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
कई स्थानों का किया गया था निरीक्षण
पुलिस के अनुसार, कथित साजिश के तहत दोनों ने वारदात के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने की भी कोशिश की। जांच में सामने आया है कि लोनावला के टाइगर प्वाइंट, विसापुर किले सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों का निरीक्षण किया गया। दोनों एक-दूसरे के साथ इन स्थानों की तस्वीरें भी साझा कर रहे थे। आखिरकार, पुलिस के मुताबिक, पुणे के निकट स्थित लोहागढ़ किले को घटना के लिए चुना गया, क्योंकि वहां सबूत मिलने की संभावना अपेक्षाकृत कम मानी गई।
रिश्ते को लेकर पुलिस का दावा
जांच एजेंसियों का कहना है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित संबंध इस पूरे मामले की प्रमुख वजह रहे। पुलिस का दावा है कि दोनों को आशंका थी कि सिया की शादी केतन अग्रवाल से होने के बाद उनका आपसी संबंध समाप्त हो सकता है। इसी कारण उन्होंने पहले शादी रुकवाने के विकल्प तलाशे और कथित तौर पर केतन को घायल करने की योजना बनाई। बाद में परिस्थितियों को देखते हुए योजना बदलने का आरोप है।
बाली यात्रा से पहले बढ़ी जल्दबाजी
पुलिस का कहना है कि जून के मध्य में होने वाली बाली यात्रा की तारीख नजदीक आने के साथ ही आरोपियों ने कथित योजना को तेजी से आगे बढ़ाया। जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि 14 जून को लोहागढ़ किले पर घटना को अंजाम देने का एक प्रयास पहले भी किया गया था, जो सफल नहीं हो सका। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में सुपारी देकर हत्या कराने जैसा कोई पहलू सामने नहीं आया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।