NCPPolitics – एनसीपी का रुख साफ, राजग के साथ रहने का फैसला बरकरार
NCPPolitics – महाराष्ट्र की राजनीति में जारी अटकलों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की राज्य इकाई ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुनील तटकरे ने रविवार को दो टूक कहा कि एनसीपी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि पार्टी दिवंगत अजित पवार की विचारधारा और उनके तय किए गए राजनीतिक रास्ते पर ही आगे बढ़ेगी।

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राजनीतिक गलियारों में एनसीपी और शरद पवार गुट के संभावित विलय को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं और कुछ हलकों में 12 फरवरी को इसकी घोषणा की तारीख तक बताई जा रही थी।
एनडीए के साथ रहने पर कोई भ्रम नहीं
पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुनील तटकरे ने कहा कि संगठन के भीतर या बाहर चाहे कितनी भी बातें हों, एनसीपी की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो फैसला लिया है, वह सोच-समझकर और सामूहिक सहमति से लिया गया है। तटकरे के अनुसार, अजित पवार ने राजग के साथ जाने का निर्णय राज्य और पार्टी के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए किया था और उसी दिशा में आगे बढ़ना संगठन की प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी अजित पवार की सहमति के बिना कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया। उनके मुताबिक, पार्टी के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया हमेशा सामूहिक और पारदर्शी रही है।
उपमुख्यमंत्री पद को लेकर उठे सवाल
अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने को लेकर विपक्षी दलों और कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने जल्दबाजी के आरोप लगाए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तटकरे ने कहा कि संविधान हर नागरिक को अपनी राय रखने का अधिकार देता है, लेकिन सरकार के फैसलों को केवल राजनीतिक नजरिए से देखना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र में प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने और अजित पवार के विकसित राज्य के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया। तटकरे के अनुसार, ऐसे संवेदनशील समय में सत्ता और व्यवस्था का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है।
राज्यसभा उम्मीदवार और गठबंधन की समझ
राज्यसभा चुनाव से जुड़े सवालों पर सुनील तटकरे ने साफ किया कि उम्मीदवार चयन पूरी तरह पार्टी का आंतरिक विषय है। उन्होंने इस दौरान भाजपा के साथ तालमेल की भी सराहना की और कहा कि गठबंधन में रहते हुए भाजपा ने हमेशा सहयोगी दलों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया है।
तटकरे ने यह भी कहा कि गठबंधन की मजबूती तभी बनी रह सकती है, जब आपसी विश्वास और संवाद कायम रहे, और मौजूदा हालात में राजग के भीतर ऐसा माहौल मौजूद है।
विलय की अटकलों पर नाराजगी
एनसीपी और शरद पवार गुट के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर तटकरे ने असंतोष जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अजित पवार के अंतिम संस्कार से पहले ही इस तरह की राजनीतिक अटकलें क्यों शुरू हो गईं। उनके अनुसार, उन्होंने स्वयं कभी भी विलय वार्ता पर कोई टिप्पणी नहीं की, इसके बावजूद यह धारणा बना दी गई कि वह इसके विरोध में हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की अटकलें न केवल भ्रम फैलाती हैं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी अनावश्यक असमंजस पैदा करती हैं।
अस्थि कलश यात्रा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम
तटकरे ने जानकारी दी कि 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में दिवंगत अजित पवार की अस्थियों को पार्टी कार्यालय लाया गया है। उन्होंने बताया कि अस्थि कलश को राज्य के सभी जिलों में ले जाया जाएगा, ताकि आम लोग और कार्यकर्ता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विलय से जुड़ा अंतिम निर्णय सुनेत्रा पवार लेंगी और उनका फैसला पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर बाध्यकारी होगा। उन्होंने इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस को अनावश्यक बताते हुए कहा कि यह एक पारिवारिक और संगठनात्मक विषय है, जिस पर फैसला भी उसी दायरे में होना चाहिए।